इमोशन कंट्रोल न कर पाना- काम में जल्दबाजी, महिलाओं में ADHD की पहचान मुश्किल क्यों?
ADHD महिलाओं में भी पाया जाता है, लेकिन इसके लक्षण अक्सर देर से पहचाने जाते हैं। ध्यान की कमी, भूलने की आदत और काम टालना इसके आम संकेत हैं।
ADHD यानी Attention Deficit Hyperactivity Disorder को अक्सर बच्चों की समस्या माना जाता है लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि यह समस्या वयस्कों खासकर महिलाओं में भी देखी जाती है। कई बार महिलाएं सालों तक इसके लक्षणों के साथ जीती रहती हैं लेकिन उन्हें यह समझ ही नहीं आता कि उनकी परेशानी ADHD से जुड़ी हो सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार महिलाओं में ADHD के लक्षण पुरुषों से अलग तरीके से दिखाई देते हैं। जहां पुरुषों में यह ज्यादा हाइपरएक्टिविटी के रूप में दिखता है वहीं महिलाओं में यह ध्यान भटकना, चीजें भूल जाना, काम को टालना और मानसिक थकान के रूप में सामने आता है। इसी वजह से कई मामलों में इसे सामान्य तनाव, चिंता या डिप्रेशन समझ लिया जाता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि ADHD से जूझ रही महिलाओं को समय प्रबंधन में दिक्कत होती है। वे कई काम एक साथ शुरू कर देती हैं लेकिन उन्हें पूरा करने में परेशानी होती है। कई बार वे छोटी छोटी चीजें जैसे चाबियां, मोबाइल या जरूरी काम भी भूल जाती हैं।
इसके अलावा भावनात्मक उतार चढ़ाव भी इसका एक बड़ा संकेत हो सकता है। कुछ महिलाएं छोटी बातों पर ज्यादा परेशान हो जाती हैं या खुद को लेकर असुरक्षा महसूस करती हैं। लंबे समय तक इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से मानसिक दबाव और बढ़ सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति में लंबे समय तक ध्यान की कमी, भूलने की आदत और काम को व्यवस्थित करने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। सही समय पर पहचान और इलाज से ADHD को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है और व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।

