राज्यसभा में फिर गरमा गई सियासत: बंगाल SIR मुद्दे पर हंगामा, विपक्ष के वॉकआउट पर नड्डा का पलटवार
राज्यसभा में पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और पश्चिम एशिया संकट जैसे मुद्दों पर विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया और वॉकआउट कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर बहस से भागने और संसद में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
राज्यसभा में फिर गूंजा सियासी शोर
संसद के उच्च सदन राज्यसभा में सोमवार को उस समय सियासी तापमान अचानक बढ़ गया, जब पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे और सरकार से तत्काल चर्चा कराने की मांग करने लगे। माहौल इतना गर्म हो गया कि आखिरकार कई विपक्षी दलों के सांसदों ने विरोध स्वरूप वॉकआउट कर दिया।
जयशंकर के बयान के दौरान शुरू हुआ विवाद
दरअसल, सदन में उस समय माहौल गरमाया जब विदेश मंत्री S. Jaishankar पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर अपना बयान दे रहे थे।
इसी दौरान विपक्षी सांसदों ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर चर्चा की मांग उठानी शुरू कर दी। विपक्ष का कहना था कि यह मुद्दा बेहद गंभीर है और इस पर तुरंत सदन में बहस होनी चाहिए।
नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही बाधित होती रही और अंततः विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताते हुए वॉकआउट कर दिया।
नड्डा का विपक्ष पर तीखा हमला
विपक्ष के वॉकआउट के बाद सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री Jagat Prakash Nadda ने विपक्षी दलों के रवैये पर कड़ा हमला बोला।
नड्डा ने कहा कि विपक्ष का यह व्यवहार बेहद गैर-जिम्मेदाराना है और इससे साफ दिखता है कि उन्हें न तो देशहित की चिंता है और न ही संसद में सार्थक चर्चा में कोई दिलचस्पी।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल हंगामा और अराजकता फैलाने की राजनीति कर रहा है। नड्डा के अनुसार, जब भी किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा का अवसर आता है, विपक्ष वॉकआउट कर देता है और बहस से बचने की कोशिश करता है।
पहले भी कई मुद्दों पर किया वॉकआउट
नड्डा ने यह भी याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने ऐसा कदम उठाया हो।
उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन से वॉकआउट कर चुका है, जिनमें वक्फ बिल, विकसित भारत अभियान, ऑपरेशन सिंदूर और बजट जैसे विषय शामिल हैं।
नड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष की राजनीति अब केवल विरोध और हंगामे तक सीमित हो गई है।
सभापति की चेतावनी
इस बीच राज्यसभा के सभापति C. P. Radhakrishnan ने भी सदन में व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सख्त टिप्पणी की।
उन्होंने सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि सदन में प्लेकार्ड दिखाना और नारेबाजी करना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद को किसी भी राजनीतिक लाभ के लिए बाधित नहीं किया जा सकता।
सभापति की इस टिप्पणी के कुछ ही देर बाद विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
संसद में टकराव की राजनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। कई अहम मुद्दों पर चर्चा की मांग और सरकार के जवाब को लेकर दोनों पक्षों के बीच अक्सर तीखी नोकझोंक देखने को मिलती है।
ऐसे में राज्यसभा में सोमवार को हुआ यह हंगामा एक बार फिर दिखाता है कि संसद के भीतर सियासी टकराव किस तरह से बढ़ रहा है और इसका असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ रहा है।

