फोकस, सार्थक रिश्ते और जुनून से ही मिलती है सफलता
सिवान के यूनिटी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित मोटिवेशनल सत्र में डॉ. शाहनवाज आलम ने छात्रों को सफलता के लिए फोकस, सार्थक संबंध और जुनून को आवश्यक बताया। उन्होंने डिजिटल युग में एकाग्रता की चुनौती पर प्रकाश डालते हुए समय के सही उपयोग की सलाह दी। अन्य वक्ताओं ने परीक्षा के दौरान माइंडफुलनेस, अनुशासन, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
रेहान फ़ज़ल
सिवान। डिजिटल युग की चुनौतियों के बीच छात्रों को सही दिशा देने के उद्देश्य से यूनिटी इंटरनेशनल स्कूल में एक प्रेरक संवाद सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रख्यात सर्जन डॉ. शाहनवाज आलम ने कहा कि जीवन हो या परीक्षा, सफलता उन्हीं को मिलती है जो अपने लक्ष्य पर पूरा फोकस रखते हैं, सार्थक संबंध बनाते हैं और अपने भीतर जुनून बनाए रखते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में एकाग्रता सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे समय में छात्रों को अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सार्थक संबंध प्रेम, विश्वास, सम्मान और आपसी समझ पर आधारित होते हैं, जो व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं। वहीं जुनून वह शक्ति है, जो इंसान को निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। मोटिवेशनल सत्र में शिक्षाविद् डॉ. गणेश दत्त पाठक ने परीक्षा के दौरान माइंडफुलनेस यानी वर्तमान में सजग रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को भूत या भविष्य की चिंता छोड़कर वर्तमान तैयारी पर ध्यान देना चाहिए। परिणाम की चिंता करने के बजाय नियमित रिवीजन अधिक लाभकारी होता है। डॉ. रबाब फातिमा ने अनुशासन को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि परीक्षा के समय पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर रविंद्रनाथ पाठक ने छात्रों को सलाह दी कि कठिन प्रश्न आने पर घबराएं नहीं, बल्कि शांत मन से गहरी सांस लेकर प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और पूरे परीक्षा काल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करें। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से छात्रों को उपहार और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय के निदेशक अबरार अहमद, प्रिंसिपल हामिद अली, शिक्षिका कीर्ति तिवारी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक संतोष मिश्रा ने किया। यह प्रेरक सत्र छात्रों के लिए परीक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की दिशा में भी मार्गदर्शक साबित हुआ।
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