बिहार में नदियों से होगी बालू-सीमेंट की ढुलाई, सड़क और रेल से तीन गुना सस्ती होगी परिवहन व्यवस्था
बिहार में माल ढुलाई के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब गंगा, कोसी, गंडक और सोन जैसी प्रमुख नदियों के जरिए बालू और सीमेंट की ढुलाई की जाएगी। इससे सड़कों पर भारी ट्रकों का दबाव कम होगा और परिवहन की लागत भी घटेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, जलमार्ग से ढुलाई सड़क और रेल के मुकाबले करीब तीन गुना सस्ती पड़ेगी, जिससे व्यापार और बुनियादी ढांचे को भी फायदा होगा।
रेहान फ़ज़ल
बिहार में माल ढुलाई के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब राज्य में गंगा, कोसी, गंडक और सोन जैसी प्रमुख नदियों के माध्यम से बालू और सीमेंट की ढुलाई की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य सड़क और रेलवे पर बढ़ते दबाव को कम करना और परिवहन लागत को घटाना है।
सरकार का मानना है कि जलमार्ग के जरिए ढुलाई करने से ट्रकों की संख्या कम होगी, जिससे सड़कों की स्थिति बेहतर रहेगी और जाम की समस्या भी घटेगी। इसके साथ ही प्रदूषण में भी कमी आएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, जलमार्ग से माल ढुलाई सड़क और रेल परिवहन की तुलना में लगभग तीन गुना सस्ती होगी। इससे व्यापारियों को लाभ मिलेगा और निर्माण कार्यों की लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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