असम CM हिमंत बिस्वा सरमा के बयान से सियासी तूफान, विपक्ष ने साधा निशाना
उफ़क साहिल
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए उनके बयान को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। बयान सामने आने के बाद विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार की कार्रवाई किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो अवैध घुसपैठ, जमीन पर अतिक्रमण और कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि असम सरकार राज्य की जमीन, संसाधनों और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए सख्त फैसले ले रही है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कानून का पालन करने वाले नागरिकों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी और “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है।
दूसरी ओर, विपक्ष का आरोप है कि इस तरह के बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है। कांग्रेस और AIUDF सहित कई दलों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान बताया है और मुख्यमंत्री से संयम बरतने की अपील की है।
इस पूरे मामले ने असम की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर सड़कों तक चर्चा का विषय बना रह सकता है।
What's Your Reaction?

