चुनावी मंच से राज ठाकरे ने उठाया भाषा का सवाल, विपक्ष ने जताई आपत्ति
उफ़क साहिल
मुंबई में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भाषा और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी भाषा और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।
राज ठाकरे ने यह भी कहा कि किसी भी राज्य की पहचान उसकी भाषा और संस्कृति से होती है और बाहर से आने वाले लोगों को स्थानीय समाज के साथ सामंजस्य बनाकर रहना चाहिए। उनके बयान में उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों का जिक्र होने के बाद राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई।
विपक्षी दलों ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे मुद्दे चुनाव के दौरान सामाजिक एकता को प्रभावित कर सकते हैं। उनका कहना है कि देश की विविधता को बनाए रखना जरूरी है।
वहीं, मनसे नेताओं और समर्थकों का कहना है कि यह बयान किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि मराठी भाषा और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़ा है।
राज ठाकरे के इस बयान ने एक बार फिर भाषा, प्रवास और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चर्चा में ला दिया है।
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