मीडिया बयान पर स्पष्टीकरण, शब्दों को लेकर जताया गया खेद; कैलाश विजयवर्गीय के नाम पर तेज हुई चर्चा
मीडिया बयान को लेकर हुई गलतफहमी पर संबंधित व्यक्ति ने स्पष्टीकरण देते हुए खेद जताया और कहा कि शब्दों को गलत संदर्भ में लिया गया। इस मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का नाम आने से चर्चा तेज हुई।
मीडिया के एक प्रश्न के उत्तर में दिए गए बयान को लेकर उत्पन्न हुई चर्चाओं के बीच संबंधित व्यक्ति ने अपने वक्तव्य पर स्पष्टीकरण देते हुए खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया बातचीत के दौरान उनके कुछ शब्दों को गलत संदर्भ में लिया गया, जिससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति बनी।उन्होंने स्पष्ट किया कि बयान देते समय उनका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति, पद या संस्था के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करना नहीं था। शब्दों के चयन में हुई चूक के कारण बात को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, जिससे वास्तविक आशय सामने नहीं आ सका।
इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी। विजयवर्गीय प्रदेश की राजनीति का एक जाना पहचाना चेहरा हैं और लंबे समय से संगठन व सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाते रहे हैं।स्पष्टीकरण जारी करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा,
“यदि मेरे बयान से किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं, तो मैं इसके लिए खेद प्रकट करता हूँ। सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा अत्यंत आवश्यक है और भविष्य में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा।”राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक मंचों और मीडिया संवाद के दौरान दिए गए बयानों को अक्सर अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा जाता है, ऐसे में शब्दों का चयन और संदर्भ बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।कैलाश विजयवर्गीय भी पूर्व में कई अवसरों पर यह कह चुके हैं कि लोकतंत्र में असहमति और विचारों की अभिव्यक्ति आवश्यक है, लेकिन संवाद की भाषा संयमित और मर्यादित होनी चाहिए।
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