सुरक्षित सड़क , सुरक्षित जीवन के संदेश के साथ रोड सेफ्टी माह का समापन; मिनी मैराथन का आयोजन
सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन’ के संदेश के साथ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का भव्य समापन भभुआ में किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित पैदल मार्च और मिनी मैराथन में युवाओं सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। अधिकारियों ने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने, तेज रफ्तार और स्टंट ड्राइविंग से बचने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को सम्मानित किया गया और सड़क सुरक्षा को नागरिक कर्तव्य के रूप में अपनाने का संदेश दिया गया।
शेख अर्शी
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026’ (1 जनवरी से 31 जनवरी) का शनिवार को भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा भभुआ शहर में पैदल मार्च और मिनी मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्ट्रेट परिसर से हुई, जहाँ जिला पदाधिकारी महोदय ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ और पैदल मार्च को रवाना किया। यह मार्च शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए जगजीवन स्टेडियम में जाकर संपन्न हुआ। कलेक्ट्रेट से स्टेडियम तक का पूरा रास्ता ‘सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा’ के नारों से गूंज उठा।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार 25 से 35 वर्ष की आयु के युवा सड़क दुर्घटनाओं का सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं। जिला पदाधिकारी महोदय ने युवाओं से अपील की कि वे स्टंट ड्राइविंग और तेज रफ्तार से बचें।
उन्होंने कहा,
“सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग कर हम न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान भी बचा सकते हैं।”
समापन के अवसर पर आयोजित मिनी मैराथन में पुरुष एवं महिला वर्ग के प्रतिभागियों ने दमखम दिखाया। प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को जिला पदाधिकारी महोदय एवं अन्य अधिकारियों द्वारा पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), कैमूर, डीएसपी (ट्रैफिक), विभिन्न थानों के पुलिस पदाधिकारी तथा प्रशासनिक कर्मचारी उपस्थित थे।
‘सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन’
पूरे महीने चले इस अभियान के दौरान वाहन चालकों को शपथ दिलाई गई, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और अंततः मिनी मैराथन के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि यातायात नियमों का पालन करना एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान है।
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