गैस सिलेंडर महंगा हुआ तो सड़क पर जला चूल्हा: ठाणे में शरद पवार की एनसीपी का अनोखा विरोध
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 118 रुपये की बढ़ोतरी के विरोध में शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने ठाणे में ‘चूल्हा जलाओ’ आंदोलन किया। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर चूल्हा जलाकर खाना पकाते हुए महंगाई के खिलाफ केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर महाराष्ट्र के ठाणे में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। गैस के दाम बढ़ने के खिलाफ शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के कार्यकर्ताओं ने ‘चूल्हा जलाओ’ आंदोलन करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही चूल्हा जलाकर खाना पकाया और रोटियां सेंककर बढ़ती महंगाई के खिलाफ अपना विरोध जताया। यह प्रदर्शन ठाणे जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने किया गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गैस की कीमत बढ़ने पर विरोध-
केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 118 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। एनसीपी नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध का हवाला देकर आम जनता पर महंगाई का बोझ डाला जा रहा है।
नेताओं ने साधा सरकार पर निशाना-
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान, महिला अध्यक्ष मनीषा भगत और युवा अध्यक्ष अभिजीत पवार ने किया। इस दौरान नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका सबसे ज्यादा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ रहा है।
नेताओं का आरोप है कि सरकार को पहले से अंतरराष्ट्रीय हालात की जानकारी थी, फिर भी उसने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई। उनका कहना है कि महंगाई का बोझ आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है।
बढ़ती कीमतों से बिगड़ सकता है घर का बजट-
महिला अध्यक्ष मनीषा भगत ने कहा कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें आम परिवारों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
आगे भी जारी रहेगा विरोध-
पार्टी नेताओं ने साफ किया कि फिलहाल यह प्रदर्शन प्रतीकात्मक था, लेकिन अगर गैस सिलेंडर की कीमतें वापस नहीं ली गईं तो राज्य भर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाने की तैयारी में है।

