बदसलूकी करने वाले यात्रियों पर एयरलाइंस लगा सकती हैं उड़ान प्रतिबंध
उफ़क साहिल
यात्रियों की सुरक्षा और उड़ानों में अनुशासन बनाए रखने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त रुख अपनाया है। नए निर्देशों के तहत अब देश की एयरलाइंस को यह अधिकार दिया गया है कि वे अभद्र या अनुशासनहीन व्यवहार करने वाले यात्रियों पर अस्थायी या लंबी अवधि का उड़ान प्रतिबंध लगा सकें।
नियामक संस्था ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि उड़ान के दौरान मारपीट, गाली-गलौज, क्रू सदस्यों को धमकाना, सुरक्षा निर्देशों का पालन न करना या अन्य यात्रियों को परेशान करने जैसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इस तरह का व्यवहार न केवल विमान की सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि अन्य यात्रियों के लिए भी असुविधा पैदा करता है।
संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार गंभीर मामलों को एयरलाइंस की आंतरिक समिति के पास भेजा जाएगा। यह समिति घटना की समीक्षा कर यह तय करेगी कि संबंधित यात्री पर कितने समय के लिए प्रतिबंध लगाया जाए। मामले की गंभीरता के आधार पर यह प्रतिबंध कुछ महीनों से लेकर कई वर्षों तक हो सकता है। बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
DGCA ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अनुशासनहीनता के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। साथ ही, केबिन क्रू को भी निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी तरह की अनुचित घटना की तुरंत रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
हाल के दिनों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बदसलूकी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि सख्त नियमों से ऐसे मामलों में कमी आएगी और हवाई यात्रा अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित बनेगी।
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