आम आदमी कितना पेट्रोल खरीदकर रख सकता है? जानिए क्या कहते हैं नियम

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदने के वीडियो वायरल हो रहे हैं। हालांकि नियमों के अनुसार, कोई भी आम व्यक्ति बिना लाइसेंस के घर पर अधिकतम 30 लीटर पेट्रोल या डीजल ही स्टोर कर सकता है। इससे ज्यादा रखने के लिए पेट्रोलियम अथॉरिटी से अनुमति लेना जरूरी होता है।

आम आदमी कितना पेट्रोल खरीदकर रख सकता है? जानिए क्या कहते हैं नियम

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच जारी युद्ध की खबरों का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। दरअसल, सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीदते नजर आ रहे हैं। कहीं लोग कैन और ड्रम लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंच रहे हैं, तो कहीं पानी की बड़ी टंकी में डीजल भरवाने के वीडियो सामने आ रहे हैं।

हालांकि, जानकारों के अनुसार फिलहाल पेट्रोल-डीजल की सप्लाई नॉर्मल है। लेकिन इन घटनाओं और वायरल वीडियो के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या सच में ईंधन की कमी होने वाली है और आम आदमी एक बार में कितना पेट्रोल या डीजल खरीदकर घर में रख सकता है।

ज्यादा से ज्यादा कितना खरीद सकते हैं पेट्रोल ?

नियम के अनुसार, एक आम व्यक्ति आमतौर पर अपनी गाड़ी के टैंक की क्षमता के अनुसार पेट्रोल खरीद सकता है। हालांकि तेल को स्टोर करने या कंटेनरों में ले जाने के लिए सख्त कानूनी सीमाएं लागू होती हैं। भारत में पेट्रोल-डीजल को स्टोर करने के नियम Petroleum Rules, 2002 के तहत तय किए गए हैं।

इसके अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस के घर पर सीमित मात्रा में ही पेट्रोल या डीजल रख सकता है। नियमों के मुताबिक, आम आदमी अधिकतम 30 लीटर तक पेट्रोल या डीजल ही घर पर स्टोर कर सकता है। इसके लिए फ्यूल को सुरक्षित और मजबूत कंटेनर में रखना जरूरी होता है। यह कंटेनर मेटल या विशेष प्लास्टिक के बने होने चाहिए और उन्हें अच्छी तरह बंद होना चाहिए, ताकि किसी तरह की दुर्घटना का खतरा न हो। वहीं फ्यूल भरते समय कंटेनर में थोड़ी जगह खाली छोड़ना भी जरूरी माना जाता है, ताकि हवा के लिए जगह बनी रहे और दबाव न पड़े।

30 लीटर से ज्यादा रखना है पेट्रोल-डीजल तो क्या करना होगा ?

अगर कोई व्यक्ति 30 लीटर से ज्यादा पेट्रोल या डीजल घर में रखना चाहता है, तो इसके लिए उसे स्थानीय पेट्रोलियम अथॉरिटी से अनुमति लेनी होती है। इसके लिए लाइसेंस लेना जरूरी होता है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना पड़ता है।

वहीं, अगर कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस के तय सीमा से ज्यादा पेट्रोल या डीजल घर में स्टोर करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। Petroleum Act, 1934 और Petroleum Rules, 2002 के तहत पहली बार नियम तोड़ने पर एक महीने तक की जेल या 1000 रुपये का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।

अगर गलती दोबारा होती है, तो 3 महीने तक की जेल और 5000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है और 7 साल तक की जेल भी हो सकती है।