तीसरे बच्चे पर ₹25,000 देगी आंध्र प्रदेश सरकार, गिरती जन्म दर रोकने के लिए नई नीति की तैयारी
उफ़क साहिल
एन.चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार राज्य में लगातार गिर रही प्रजनन दर (TFR) को लेकर चिंतित है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार दूसरे और तीसरे बच्चे के जन्म पर आर्थिक प्रोत्साहन देने वाली नई जनसंख्या नीति तैयार कर रही है। इस प्रस्तावित योजना को मार्च 2026 के अंत तक अंतिम रूप दिया जा सकता है।
तीसरे बच्चे के जन्म पर मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
सरकार के ड्राफ्ट प्रस्ताव के अनुसार, अगर किसी परिवार में दूसरा या तीसरा बच्चा जन्म लेता है तो ₹25,000 की एकमुश्त सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा तीसरे बच्चे के लिए अतिरिक्त लाभ भी देने की योजना बनाई गई है।
दूसरे या तीसरे बच्चे के जन्म पर ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि
तीसरे बच्चे के लिए 5 साल तक हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता
बच्चे को 18 साल तक मुफ्त शिक्षा देने का प्रस्ताव
माता-पिता, खासकर सरकारी कर्मचारियों को विशेष अवकाश देने की व्यवस्था
सरकार का मानना है कि इन सुविधाओं से परिवारों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, जनसंख्या स्थिर रखने के लिए Total Fertility Rate (TFR) लगभग 2.1 होना जरूरी माना जाता है।
लेकिन आंध्र प्रदेश में यह दर काफी कम होकर लगभग 1.5 के आसपास पहुंच गई है।
कम होती जन्म दर का असर भविष्य में कामकाजी आबादी पर पड़ सकता है, जिससे आर्थिक विकास और सामाजिक ढांचे पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्या भारत के अन्य राज्यों में भी है ऐसा नियम?
भारत में लंबे समय तक जनसंख्या नियंत्रण पर जोर दिया गया है। कई राज्यों में तो दो से ज्यादा बच्चे होने पर पंचायत या स्थानीय चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध जैसे नियम भी बनाए गए थे।
हालांकि ज्यादा बच्चे पैदा करने पर सीधे आर्थिक प्रोत्साहन देने की नीति अभी तक बहुत कम राज्यों में देखने को मिलती है। इस लिहाज से आंध्र प्रदेश की यह पहल देश में एक नई नीति दिशा मानी जा रही है।
दक्षिण भारत के राज्यों में तेजी से घट रही जन्म दर
विशेषज्ञ बताते हैं कि दक्षिण भारत के कई राज्यों में जन्म दर लगातार गिर रही है।
अगर यह योजना लागू होती है तो आंध्र प्रदेश देश का ऐसा राज्य बन सकता है जहाँ गिरती जनसंख्या दर को बढ़ाने के लिए सरकार सीधे आर्थिक प्रोत्साहन देगी।
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