भारत–इज़राइल साझेदारी को नई मजबूती, AI और साइबर सिक्योरिटी समेत कई क्षेत्रों में MoUs पर हस्ताक्षर
भारत और इज़राइल के बीच हुए नए MoUs से तकनीक, डिजिटल सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। दोनों देश संयुक्त रिसर्च, छात्र विनिमय कार्यक्रम और साइबर सुरक्षा परियोजनाओं पर मिलकर काम करेंगे। इस पहल से स्टार्टअप, आईटी सेक्टर और कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
नवीदुल हसन
भारत और इज़राइल के बीच AI, साइबर सिक्योरिटी और शिक्षा में कई अहम समझौते
भारत और इज़राइल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, शिक्षा, कृषि तकनीक, नवाचार और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य तकनीकी सहयोग को बढ़ाना, शोध को प्रोत्साहित करना और आपसी साझेदारी को और गहरा करना है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इससे डिजिटल ढांचे को मजबूत करने, डेटा सुरक्षा बढ़ाने और नई तकनीकों के विकास में तेजी लाने में मदद मिलेगी। साइबर खतरों को देखते हुए यह सहयोग दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों और आईटी कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में हुए समझौतों के तहत दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ेगा। छात्र विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट और फैकल्टी एक्सचेंज जैसी पहलें शुरू की जाएंगी। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने और काम करने का अवसर मिलेगा।
कृषि और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग पर जोर दिया गया है। इज़राइल अपनी आधुनिक कृषि तकनीकों और जल संरक्षण के तरीकों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। ऐसे में भारत के किसानों और कृषि विशेषज्ञों को नई तकनीक और अनुभव का लाभ मिल सकेगा।
दोनों देशों के अधिकारियों ने कहा कि ये समझौते केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करेंगे। स्टार्टअप सेक्टर, रक्षा उद्योग और डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी इस सहयोग से फायदा होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे, निवेश बढ़ेगा और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। साथ ही, यह सहयोग वैश्विक मंच पर भारत और इज़राइल की साझेदारी को और मजबूत क रेगा।
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