पटना में फाइलेरिया दवा खाने के बाद कई छात्र बीमार; स्वास्थ्य विभाग की मदद से बच्चे है अब ठीक
सालेहा वसीम
पटना ज़िले के अथमलगोला में बुधवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान एक प्राथमिक विद्यालय में कई छात्र अचानक बीमार पड़ गए। दवा लेने के तुरंत बाद बच्चों ने हल्की बेचैनी और ठीक महसूस न होने की शिकायत की, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।
घटना गणपत राय टोला के प्राथमिक विद्यालय की है, जहां राज्यभर में चल रहे सामूहिक दवा प्रशासन (एम.डी.ए.) अभियान के तहत छात्रों को अलबेंडाजोल की खुराक दी जा रही थी।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बच्चों में दिखे लक्षण दवा के साइड इफेक्ट के रूप में सामने आए।
अथमलगोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया:
“कुछ बच्चे अस्वस्थ हुए थे, लेकिन सभी सुरक्षित हैं और किसी तरह की समस्या नहीं है।”
सूचना मिलते ही (क्यू.आर.टी.) और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। प्रभावित बच्चों को नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर इलाज कराया गया। डॉक्टरों ने बाद में पुष्टि की कि बच्चों की स्थिति पूरी तरह स्थिर है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले कई दिनों से राज्य में यह अभियान बिना किसी बड़ी समस्या के चल रहा है और बाकी इलाकों से किसी तरह की गंभीर शिकायत नहीं मिली है।
फाइलेरिया एक मच्छरजनित परजीवी रोग है। इसे खत्म करने के लिए लोगों को समय–समय पर दवा दी जाती है ताकि रोग के फैलाव को रोका जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि स्कूलों में बच्चों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अभिभावकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
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