IEEPA टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, 175 अरब डॉलर रिफंड की संभावना
राष्ट्रीय सुरक्षा और सेक्शन 301 के तहत लगाए गए IEEPA टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अमेरिकी ट्रेजरी की 175 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई प्रभावित हो सकती है। CBP ने व्यापार समुदाय को अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही है, जबकि अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इन टैरिफ से प्रतिदिन 500 मिलियन डॉलर से अधिक की आय हो रही थी।
नवीदुल हसन
IEEPA टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अरबों डॉलर रिफंड की संभावना
अमेरिका में टैरिफ (आयात शुल्क) को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Statute) और सेक्शन 301 के तहत लागू किए गए कुछ टैरिफ को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। अब कोर्ट के फैसले के बाद सरकार द्वारा वसूले गए अरबों डॉलर पर असर पड़ सकता है।
अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने कहा है कि वह व्यापार समुदाय को जरूरत पड़ने पर CSMS संदेशों के जरिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी करेगा। यानी जिन कंपनियों पर ये टैरिफ लागू हुए थे, उन्हें आगे की जानकारी आधिकारिक संदेशों के माध्यम से दी जाएगी।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 20 फरवरी को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी ट्रेजरी को IEEPA (इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट) के तहत लगाए गए टैरिफ से जो 175 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई हुई थी, वह अब संभावित रिफंड के दायरे में आ सकती है। इसका मतलब है कि अगर फैसला कंपनियों के पक्ष में जाता है, तो सरकार को बड़ी रकम वापस करनी पड़ सकती है।
पेन-व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक, IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ से हर दिन 500 मिलियन डॉलर (करीब 50 करोड़ डॉलर) से ज्यादा की सकल आय हो रही थी। यह अनुमान एक विस्तृत आर्थिक मॉडल के आधार पर लगाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रिफंड की प्रक्रिया शुरू होती है, तो इससे अमेरिकी राजकोष पर बड़ा वित्तीय प्रभाव पड़ सकता है और व्यापार नीति में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल व्यापार जगत की नजर सरकार की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।
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