अब ‘केरलम’ के नाम से जाना जाएगा केरल, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंज़ूरी
खुशबू खातून
नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने केरल राज्य के नाम को आधिकारिक रूप से बदलकर ‘केरलम’ करने को मंज़ूरी दे दी है। मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुरूप बताया जा रहा है, जिसमें राज्य का नाम उसकी मूल भाषा मलयालम के अनुरूप करने की बात कही जाती रही है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए कहा कि जब से भाषा के आधार पर राज्यों का गठन हुआ, तब से केरल सरकार यह मांग करती रही है कि राज्य का नाम ‘केरल’ के बजाय ‘केरलम’ किया जाए। मंत्रिमंडल ने इस ऐतिहासिक मांग को स्वीकार करते हुए नाम परिवर्तन को मंज़ूरी प्रदान कर दी है।
राज्य सरकार का कहना है कि ‘केरलम’ शब्द मलयालम भाषा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है। इससे न केवल राज्य की भाषाई विरासत को सम्मान मिलेगा, बल्कि स्थानीय पहचान को भी मज़बूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक को इस निर्णय के लिए अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं। ऐसे में इसे सांस्कृतिक पहचान और क्षेत्रीय भावनाओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
नाम परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी दस्तावेज़ों, अधिसूचनाओं और आधिकारिक संचार में केरल को अब ‘केरलम’ के नाम से संबोधित किया जाएगा। इससे पहले भी देश के कई राज्यों और शहरों के नाम स्थानीय भाषाओं और ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप बदले जा चुके हैं।
यह फैसला न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि सांस्कृतिक और भाषाई दृष्टि से भी केरल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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