भारत का एक और स्वदेशी तेजस फाइटर जेट क्रैश, जांच के आदेश
खुशबू खातून
भारतीय वायुसेना (IAF) का स्वदेशी तेजस फाइटर जेट प्रशिक्षण उड़ान के बाद लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा पाकिस्तान सीमा के पास गुजरात के नलिया क्षेत्र में स्थित एक फॉरवर्ड एयरबेस के समीप हुआ। घटना के समय विमान नियमित ट्रेनिंग मिशन पर था। राहत की बात यह रही कि पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के दौरान तकनीकी गड़बड़ी सामने आई, जिसके चलते विमान संतुलन खो बैठा और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद वायुसेना की आपात टीमें मौके पर पहुंचीं और क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। पायलट को प्राथमिक जांच के बाद सुरक्षित बताया गया है।
यह घटना बीते कुछ वर्षों में तेजस फाइटर जेट से जुड़ी तीसरी बड़ी दुर्घटना मानी जा रही है। इससे पहले मार्च 2024 में भी तेजस विमान से जुड़ा एक हादसा सामने आया था, जबकि वर्ष 2025 में दुबई एयरशो के दौरान हुए एक अन्य हादसे में पायलट की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के मद्देनज़र वायुसेना ने तेजस बेड़े की व्यापक तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं।
भारतीय वायुसेना ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी। इसके लिए एक उच्चस्तरीय कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की गई है, जो विमान के तकनीकी पहलुओं, रखरखाव प्रक्रिया और उड़ान से जुड़े सभी तथ्यों की समीक्षा करेगी। जांच पूरी होने तक आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
तेजस फाइटर जेट भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है। यह हल्का लड़ाकू विमान देश की वायु शक्ति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। हालांकि, हालिया दुर्घटनाओं ने इसके तकनीकी और परिचालन पक्षों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी जांच और समय पर सुधारात्मक कदम तेजस कार्यक्रम को और अधिक सुरक्षित व विश्वसनीय बना सकते हैं।
फिलहाल, वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि पायलटों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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