Bihar News: बक्सर सिविल कोर्ट परिसर में ‘DAWN’ कार्यक्रम का आयोजन, कहा नशा पीड़ित अपराधी नहीं, उपचार के हकदार हैं!
अरशी नाज़
बक्सर,
नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सोमवार को बक्सर सिविल कोर्ट परिसर स्थित सभागार में एक प्रभावशाली सेमिनार आयोजित किया गया। “नशा मुक्ति: जागरूकता, रोकथाम एवं पुनर्वास” विषयक इस कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) और बक्सर मेडिकल सिटी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘DAWN’ अभियान के अंतर्गत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों को अपराधी मानना समस्या का समाधान नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को समझते हुए उपचार और पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
सेमिनार के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की और इससे निपटने के लिए कानूनी, सामाजिक और चिकित्सीय स्तर पर समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। DLSA की सचिव सुश्री नेहा दयाल ने बताया कि नशा प्रभावित लोगों के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध है, जिसका लाभ जरूरतमंद उठा सकते हैं। वहीं फाउंडेशन के निदेशक राम नारायण ने कहा कि जब तक समाज, परिवार और स्वास्थ्य संस्थान मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक नशा मुक्ति का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
सदर अस्पताल के मनोवैज्ञानिक के. के. पांडेय ने अपने वक्तव्य में नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्परिणामों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने परिवारों को जागरूक रहने और समय पर परामर्श लेने की सलाह दी।
अंत में नशा मुक्ति विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन नेहा त्रिपाठी और वैष्णवी मिश्रा ने किया। बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक इस जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए।
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