प्रधानमंत्री आवास योजना: 35 लाख परिवारों को राहत, पात्रता की फिर से होगी निष्पक्ष जांचसत्यापन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, पुराने कर्मियों को जांच से रखा जाएगा दूर
उफ़क साहिल
सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहले अयोग्य घोषित किए गए लगभग 35 लाख परिवारों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। अब इन सभी मामलों की दोबारा जांच की जाएगी ताकि पात्र लेकिन वंचित रह गए परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
नई व्यवस्था के तहत जिन कर्मियों ने पहले लाभुकों का सत्यापन किया था, उन्हें दोबारा जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
क्षेत्र बदलकर दी जाएगी जांच की जिम्मेदारी
जांच में लगाए जाने वाले कर्मियों का क्षेत्र बदला जाएगा और उन्हें अलग-अलग पंचायतों में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य पक्षपात की आशंका को समाप्त करना और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना है।
विभाग तैयार करेगा लाभुकों की अंतिम सूची
दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा योग्य लाभुकों की फाइनल सूची जारी की जाएगी। अंतिम सूची के आधार पर ही पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
पात्र परिवारों में उम्मीद की किरण
सरकार के इस फैसले से उन परिवारों में नई उम्मीद जगी है, जो पहले किसी तकनीकी त्रुटि या दस्तावेजी कमी के कारण योजना से वंचित रह गए थे। पुनः जांच के बाद पात्र पाए जाने पर उन्हें आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
अधिकारियों का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी। शिकायत निवारण तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इस फैसले को ग्रामीण गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे हजारों परिवारों को पक्के घर का सपना पूरा करने का अवसर मिल सकता है।
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