अपने बच्चों को मेडिकल नहीं कराना चाहते भारत के अधिकांश डॉक्टर, इसके पीछे 4 बड़े कारण
एक सर्वे के मुताबिक भारत के करीब 91% डॉक्टर नहीं चाहते कि उनके बच्चे मेडिकल को करियर के रूप में चुनें। डॉक्टरों ने इसके पीछे लंबी और महंगी पढ़ाई, काम का ज्यादा दबाव, सुरक्षा की कमी और कम वेतन जैसे कारण बताए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार जरूरी है, वरना भविष्य में डॉक्टरों की कमी हो सकती है।
भारत में किए गए एक नए सर्वेक्षण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सर्वे के मुताबिक देश के करीब 91% डॉक्टर नहीं चाहते कि उनके बच्चे चिकित्सा (मेडिकल) को अपने करियर के रूप में चुनें। यह अध्ययन देबब्रता मिताली औरो फाउंडेशन द्वारा छह महीने में किया गया, जिसमें महानगरों और छोटे शहरों के 1,200 से अधिक डॉक्टरों को शामिल किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों का कहना है कि मेडिकल पेशा अब पहले की तरह आकर्षक नहीं रहा। लंबे समय तक पढ़ाई, भारी काम का दबाव और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं डॉक्टरों को परेशान करती हैं। इसी वजह से वे अपने बच्चों को इस क्षेत्र में जाने से रोकना चाहते हैं।
रिपोर्ट में इसके पीछे चार बड़े कारण बताए गए हैं। पहला कारण है लंबी और महंगी पढ़ाई, जिसमें डॉक्टर बनने में कई साल लग जाते हैं और खर्च भी बहुत ज्यादा होता है। दूसरा कारण है काम का अत्यधिक दबाव और लंबे घंटे, जिससे निजी जीवन प्रभावित होता है। तीसरा कारण डॉक्टरों पर बढ़ते हमले और सुरक्षा की कमी है, जो कई अस्पतालों में चिंता का विषय बन चुका है। चौथा कारण कम वेतन और अस्थिर कार्य परिस्थितियां हैं, खासकर शुरुआती दौर में।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में डॉक्टरों की कमी की समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए सरकार और स्वास्थ्य संस्थानों को डॉक्टरों के कामकाजी माहौल और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
Shaekh Arshi

