बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू, स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव और मिडिल ईस्ट तनाव पर घमासान के आसार नई दिल्ली:

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होते ही सियासी गर्मी बढ़ गई है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के प्रस्ताव पर आज चर्चा संभव है। वहीं मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, रूस से तेल खरीद और बढ़ती तेल-गैस कीमतों को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।

बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू, स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव और मिडिल ईस्ट तनाव पर घमासान के आसार नई दिल्ली:

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया। पहले ही दिन लोकसभा की कार्यवाही महज़ पाँच मिनट चली। सदन में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा की मांग कर रहा है। कांग्रेस समेत विपक्ष के 118 सांसदों ने 10 फरवरी को इस संबंध में लोकसभा सचिवालय को नोटिस सौंपा था।

विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरत रहे और विपक्षी सांसदों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि स्पीकर को पूरी तरह तटस्थ रहकर काम करना चाहिए, लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को बोलने से रोका जाता है और कई सांसदों को निलंबित भी किया गया है। उनका कहना है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बोलने का मौका मिलना चाहिए।

संसद में आज अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी प्रमुखता से उठ सकते हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर लोकसभा और राज्यसभा में बयान दे सकते हैं, हालांकि उनके बयान का समय अभी तय नहीं हुआ है।

इस बीच राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गैस और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने विदेशों में फंसे भारतीयों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई।

बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद का मुख्य फोकस वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों और वित्त विधेयक 2026 को पारित करने पर रहेगा। इस विधेयक में केंद्रीय बजट में पेश किए गए सभी कर प्रस्ताव शामिल हैं।

उधर, संसद की रणनीति तय करने के लिए विपक्षी दलों की बैठक भी हुई, जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत कई नेता शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि दोनों सदनों में ईरान-इजरायल संघर्ष, रूस से तेल खरीद और अमेरिका की भूमिका जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।

ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर बहस और राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।