राष्ट्रपति के बंगाल दौरे पर विवाद, केंद्र और ममता सरकार आमने-सामने
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार ने ‘ब्लू बुक’ नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। आरोप है कि राष्ट्रपति के स्वागत और कार्यक्रम में मुख्यमंत्री या वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं थे। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे निजी कार्यक्रम बताते हुए राज्य सरकार की जिम्मेदारी से इनकार किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी दौरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल के नियमों का पालन नहीं किया गया। इस मामले में केंद्र ने बंगाल सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
केंद्र का कहना है कि राष्ट्रपति के स्वागत और विदाई के समय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक मौजूद नहीं थे। इसके अलावा राष्ट्रपति के लिए बनाए गए शौचालय में पानी नहीं था और कार्यक्रम स्थल तक जाने वाला रास्ता भी कचरे से भरा हुआ था। केंद्र ने इन मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है।
वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह एक निजी कार्यक्रम था, जिसकी जिम्मेदारी आयोजकों और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की थी। राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले को शर्मनाक और अभूतपूर्व बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अपमान हुआ है और इसके लिए बंगाल सरकार जिम्मेदार है।
दरअसल राष्ट्रपति सिलीगुड़ी में अंतरराष्ट्रीय संथाल परिषद द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में शामिल होने गई थीं। प्रोटोकॉल के अनुसार राष्ट्रपति के दौरे पर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी होती है। हालांकि ममता बनर्जी का कहना है कि उन्हें जो प्रोटोकॉल सूची मिली थी, उसके अनुसार स्थानीय अधिकारियों ने राष्ट्रपति का स्वागत और विदाई की।
राज्य सरकार का दावा है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे।
Shaekh Arshi

