40 के बाद पुरुषों के लिए खतरे की घंटी हो सकते हैं ये संकेत, बढ़ता प्रोस्टेट चुपचाप दे देता है शरीर में दस्तक
40 की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या तेजी से देखी जा रही है। कई बार इसके शुरुआती संकेत हल्के होते हैं जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए तो गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।
40 के बाद क्यों बढ़ने लगता है प्रोस्टेट का खतरा?
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। पुरुषों में इन बदलावों का असर प्रोस्टेट ग्रंथि पर भी पड़ता है। प्रोस्टेट एक छोटी सी ग्रंथि होती है जो मूत्राशय के नीचे स्थित होती है और पुरुष प्रजनन तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
चिकित्सकों के अनुसार 40 वर्ष के बाद कई पुरुषों में प्रोस्टेट का आकार धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, जिसे मेडिकल भाषा में Benign Prostatic Hyperplasia (BPH) कहा जाता है। यह कैंसर नहीं होता, लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो पेशाब से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रोस्टेट बढ़ने के संकेत शुरुआत में बहुत मामूली होते हैं, इसलिए अधिकतर लोग उन्हें सामान्य समस्या समझकर टाल देते हैं।
1. पेशाब की धार कमजोर होना
प्रोस्टेट बढ़ने का सबसे सामान्य संकेत पेशाब की धार का कमजोर होना है। अगर पहले की तुलना में पेशाब धीरे-धीरे आने लगे या ब्लैडर खाली करने में ज्यादा समय लगने लगे तो यह एक चेतावनी हो सकती है।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजय पांडे के अनुसार जब प्रोस्टेट का आकार बढ़ता है तो यह यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग) पर दबाव डालने लगता है। इससे पेशाब का प्रवाह बाधित हो सकता है और व्यक्ति को बार-बार जोर लगाना पड़ता है।
2. बार-बार पेशाब आने की समस्या
अगर आपको दिन या रात में बार-बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर पर रात में कई बार उठकर पेशाब जाना प्रोस्टेट बढ़ने का संकेत हो सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या इसलिए होती है क्योंकि बढ़ा हुआ प्रोस्टेट मूत्राशय पर दबाव डालता है और ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता।
3. पेशाब करते समय जलन या दर्द
कुछ पुरुषों को पेशाब करते समय जलन, दर्द या असहजता महसूस होती है। कई बार यह संक्रमण की वजह से भी हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोस्टेट की सूजन या बढ़े हुए आकार के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
4. पेशाब शुरू करने में कठिनाई
अगर पेशाब शुरू करने में देरी हो रही है या आपको कुछ सेकंड तक इंतजार करना पड़ता है, तो यह भी प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
कई पुरुष बताते हैं कि उन्हें पेशाब करने की इच्छा तो होती है, लेकिन शुरुआत होने में समय लगता है। इसे अक्सर लोग सामान्य समझकर टाल देते हैं, जबकि यह शुरुआती लक्षण हो सकता है।
5. पेशाब के बाद भी ब्लैडर खाली न लगना
प्रोस्टेट बढ़ने का एक और महत्वपूर्ण संकेत है कि पेशाब करने के बाद भी ब्लैडर पूरी तरह खाली महसूस नहीं होता।
ऐसी स्थिति में व्यक्ति को थोड़ी ही देर बाद फिर से पेशाब की जरूरत महसूस हो सकती है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऊपर बताए गए लक्षण लगातार दिखाई दें तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से प्रोस्टेट से जुड़ी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
डॉक्टर आमतौर पर पीएसए टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचों के जरिए प्रोस्टेट की स्थिति का पता लगाते हैं। शुरुआती चरण में दवाओं और जीवनशैली में बदलाव से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
कैसे कम किया जा सकता है खतरा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आदतें अपनाकर प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है, जैसे—
नियमित व्यायाम करना
संतुलित और पौष्टिक आहार लेना
ज्यादा पानी पीना
शराब और धूम्रपान से दूरी रखना
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना
क्यों जरूरी है जागरूकता?
डॉक्टरों का कहना है कि भारत में कई पुरुष शर्म या झिझक की वजह से पेशाब से जुड़ी समस्याओं के बारे में खुलकर बात नहीं करते। इसी कारण कई मामलों में बीमारी का पता देर से चलता है।
अगर 40 की उम्र के बाद शरीर में ऐसे संकेत दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।

