ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का बड़ा दांव, संसद में महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्ष नहीं रही, खासकर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर विवाद बढ़ा है। तृणमूल कांग्रेस सहित कई दलों का कहना है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। प्रस्ताव लाने के लिए सांसदों के हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं, लेकिन इसे पास कराने के लिए संसद में विशेष बहुमत जरूरी होगा।
नई दिल्ली: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कई विपक्षी पार्टियाँ मिलकर इस प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार कर रही हैं और जल्द ही संसद में इसका नोटिस दिया जा सकता है। विपक्ष का आरोप है कि भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली हाल के समय में निष्पक्ष नहीं रही और मुख्य चुनाव आयुक्त के कुछ फैसलों पर गंभीर सवाल उठे हैं।बताया जा रहा है कि खास तौर पर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर विवाद बढ़ गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस सहित कई दलों ने चुनाव आयोग की आलोचना की है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।विपक्षी नेताओं के अनुसार महाभियोग प्रस्ताव लाने से पहले सांसदों के हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं और INDIA गठबंधन के दलों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है। संसद में प्रस्ताव लाने के लिए लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों या राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। इसके बाद दोनों सदनों में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित होने पर ही मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाया जा सकता है।फिलहाल विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाभियोग प्रस्ताव को पास कराना आसान नहीं होगा क्योंकि इसके लिए संसद में बड़ी संख्या में सांसदों का समर्थन जरूरी होता है।
Shaista azmi

