दफ्तर में काम करने वाले ज्यादातर लोग करते हैं यह आम गलती, डॉक्टरों ने दी महत्वपूर्ण सलाह
दफ्तर में लंबे समय तक लगातार बैठे रहना आज के कर्मचारियों की सबसे आम गलती बन गई है। डॉक्टरों के अनुसार इससे कमर दर्द, गर्दन में जकड़न, आंखों की थकान और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 30–40 मिनट में थोड़ी देर के लिए उठकर चलना-फिरना चाहिए, सही पोस्चर में बैठना चाहिए और आंखों को भी नियमित आराम देना जरूरी है।
आज के समय में दफ्तरों में घंटों बैठकर काम करना आम बात हो गई है। कंप्यूटर और लैपटॉप पर लगातार काम करने के कारण लोग अनजाने में कई ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो धीरे धीरे उनकी सेहत पर गंभीर असर डालती हैं। डॉक्टरों के अनुसार दफ्तर में काम करने वाले ज्यादातर लोग लगातार लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने की गलती करते हैं जो शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बिना उठे बैठे रहने से शरीर की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और धीरे धीरे कमर दर्द, गर्दन दर्द और कंधों में जकड़न जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इतना ही नहीं लगातार बैठने की आदत से मोटापा, ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
डॉक्टरों के मुताबिक कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार नजर टिकाए रखने से आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है। कई लोगों को आंखों में जलन, सिरदर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसके अलावा गलत पोस्चर में बैठकर काम करने से रीढ़ की हड्डी पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दफ्तर में काम करते समय हर 30 से 40 मिनट के बीच थोड़ी देर के लिए उठकर चलना-फिरना चाहिए। इससे शरीर में रक्त संचार बेहतर रहता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है। साथ ही कुर्सी पर बैठते समय पीठ सीधी रखनी चाहिए और कंप्यूटर स्क्रीन आंखों के स्तर पर होनी चाहिए।
डॉक्टर यह भी कहते हैं कि काम के बीच बीच में आंखों को आराम देना बेहद जरूरी है। इसके लिए 20-20-20 नियम अपनाया जा सकता है यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखें। इससे आंखों का तनाव कम होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी छोटी आदतों में बदलाव करके दफ्तर में काम करने वाले लोग अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं। नियमित ब्रेक लेना, हल्की स्ट्रेचिंग करना और सही पोस्चर में बैठना न सिर्फ काम की क्षमता बढ़ाता है बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ रहने में भी मदद करता है।

