काम में मन नहीं लग रहा, बातें भूल रहे हैं? 30 की उम्र में बढ़ रहा है ‘ब्रेन फॉग’ का खतरा

काम में मन नहीं लग रहा, बातें भूल रहे हैं? 30 की उम्र में बढ़ रहा है ‘ब्रेन फॉग’ का खतरा

दय्यान खान

तीस साल की उम्र को आमतौर पर मानसिक क्षमता का अच्छा दौर माना जाता है, लेकिन आजकल कई लोग इस उम्र में भी भूलने की समस्या और मानसिक सुस्ती महसूस करने लगे हैं। कई बार लोगों को ऐसा लगता है जैसे दिमाग में धुंध-सी छा गई हो, सोचने की रफ्तार धीमी हो गई हो, मीटिंग या काम के दौरान ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो रहा हो और बातचीत करते समय साधारण शब्द भी याद नहीं आते। विशेषज्ञ इसे डिमेंशिया नहीं बल्कि ब्रेन फॉग की स्थिति बताते हैं, जिसमें व्यक्ति को मानसिक थकान, उलझन और एकाग्रता की कमी का सामना करना पड़ता है।

न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेन फॉग कोई अलग बीमारी नहीं है बल्कि कई लक्षणों का समूह है। इसमें छोटी-छोटी बातें भूलना, मल्टीटास्किंग में परेशानी, जल्दी थकान महसूस होना और काम में मन न लगना जैसी समस्याएं शामिल होती हैं। दरअसल हमारा दिमाग शरीर की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा इस्तेमाल करता है। जब शरीर को पर्याप्त नींद, सही पोषण या आराम नहीं मिलता, तो सबसे पहले सोचने और समझने की क्षमता प्रभावित होने लगती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि आज की बदलती लाइफस्टाइल भी इस समस्या की बड़ी वजह बन रही है। काम का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, परिवार की चिंता, सोशल मीडिया की तुलना और लगातार मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। इसके साथ ही नींद की कमी भी एक बड़ा कारण है। स्वास्थ्य रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पाते, जबकि नींद के दौरान ही दिमाग खुद को रिपेयर करता है और याददाश्त मजबूत होती है।

इसके अलावा शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी ब्रेन फॉग का कारण बन सकती है। विटामिन B12, विटामिन D3 और आयरन की कमी से शरीर में ऊर्जा घट जाती है और ध्यान लगाने में दिक्कत होने लगती है। अगर इसके साथ थकान, झुनझुनी, बाल झड़ना या त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड टेस्ट कराना जरूरी हो सकता है।

हालांकि अच्छी बात यह है कि लाइफस्टाइल में कुछ छोटे बदलाव करके इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना, संतुलित आहार लेना, पर्याप्त पानी पीना और रोज कम से कम 30 मिनट हल्का व्यायाम करना दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है। साथ ही स्क्रीन टाइम कम करना और तनाव को नियंत्रित करना भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। अगर भूलने की समस्या रोजमर्रा के काम या नौकरी को प्रभावित करने लगे या अचानक भ्रम, तेज सिरदर्द या बोलने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।