Meta Platforms के AI चश्मों पर प्राइवेसी को लेकर मुकदमा, यूज़र फुटेज की मानव समीक्षा पर उठे सवाल

Meta Platforms के AI स्मार्ट चश्मों को लेकर प्राइवेसी विवाद बढ़ गया है। आरोप है कि यूज़र फुटेज की मानव समीक्षा हो सकती है, जिस पर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर हुआ है।

Meta Platforms के AI चश्मों पर प्राइवेसी को लेकर मुकदमा, यूज़र फुटेज की मानव समीक्षा पर उठे सवाल

टेक कंपनी Meta Platforms के AI स्मार्ट चश्मों को लेकर प्राइवेसी विवाद सामने आया है। कंपनी पर आरोप है कि यूज़र्स द्वारा रिकॉर्ड किए गए कुछ वीडियो और फोटो की मानव समीक्षा (Human Review) की जा सकती है। इस मामले को लेकर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन AI चश्मों में मौजूद फीचर्स के जरिए यूज़र आसपास का वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि अगर इन फुटेज को इंसानों द्वारा भी देखा या जांचा जाता है, तो इससे यूज़र्स की निजी जानकारी और प्राइवेसी को खतरा हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI डिवाइस के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा सुरक्षा और यूज़र कंसेंट से जुड़े नियमों को और मजबूत करना जरूरी है, ताकि लोगों की निजता सुरक्षित रह सके ।

 जानिए 5 बड़ी बातें:

  1. AI स्मार्ट चश्मों से रिकॉर्ड किए गए फुटेज को लेकर प्राइवेसी चिंता बढ़ी।   
  2. कुछ यूज़र वीडियो की मानव समीक्षा होने का आरोप।
  3. इस मुद्दे पर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया।
  4. डेटा सुरक्षा और यूज़र कंसेंट पर सवाल उठे।
  5.   एक्सपर्ट्स ने AI डिवाइस के लिए सख्त प्राइवेसी नियमों की मांग की।