सावधान : सावधान : सावधान : बाज़ार में आगये हैं नक़ली अंडे, अंडे खाने से पहले ज़रूर करें सही से जांच। इन संकेतों से करें सड़े हुए अंडों की पहचान, साथ ही जानें इनका क्या है नुकसान?
आजकल सोशल मीडिया पर नकली अंडों का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में एक यूजर को पके हुए अंडे को अपने हाथों से तोड़ते देखा जा सकता है, जिसमें अंडे की ज़र्दी रबर जैसी दिखाई दे रही है। यूजर यह भी बताते हैं कि इस से स्मेल भी गंदी आ रही है। ऐसे में आप भी अंडे खरीदते समय कुछ खास बातों का ख्याल रख कर फेक अण्डों की खरीदारी से बच सकते हैं। कुछ विशेषज्ञ बताते हैं हैं कि खराब अंडे खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। यहां असली-नकली, सड़े, एक्सपायर अण्डों को पहचानने के कुछ आसान से तरीके हैं। साथ ही ये भी जानना ज़रूरी है कि अंडे एक दिन में कितने खाएं जाएँ , क्या होते हैं अंडे खाने के फ़ायदे और नुकसान।
आजकल सोशल मीडिया पर नकली अंडों का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में एक यूजर को पके हुए अंडे को अपने हाथों से तोड़ते देखा जा सकता है, जिसमें अंडे की ज़र्दी रबर जैसी दिखाई दे रही है। यूजर यह भी बताते हैं कि इस से स्मेल भी गंदी आ रही है। ऐसे में आप भी अंडे खरीदते समय कुछ खास बातों का ख्याल रख कर फेक अण्डों की खरीदारी से बच सकते हैं। कुछ विशेषज्ञ बताते हैं हैं कि खराब अंडे खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। यहां असली-नकली, सड़े, एक्सपायर अण्डों को पहचानने के कुछ आसान से तरीके हैं। साथ ही ये भी जानना ज़रूरी है कि अंडे एक दिन में कितने खाएं जाएँ , क्या होते हैं अंडे खाने के फ़ायदे और नुकसान।
अंडे पकने के बाद हो गए रबर, नकली अण्डों को इन दस संकेतों से पहचानें।
असली-नकली अंडे की पहचान करने के उपाय।
आजकल खाने-पीने की हर चीजों में भारी मिलावट होने लगी है। ज़हरीले केमिकल्स का इस्तेमाल फल, सब्जियों में किया जाने लगा है। दूध, दही, पनीर, खोया, मसाले में भारी मात्रा में मिलावट होने लगी है। ऐसे में लोगों को समझ पाना अब मुश्किल होने लगा है कि क्या असली है और क्या नक़ली ?
हैरानी करने वाली बात तो ये है कि अब बाजार में मिलने वाले अंडे भी नकली मिलने लगे हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें पके हुए अंडे की ज़र्दी तोड़ने पर स्पंजी, रबर मालूम होती है। इस तरह के नकली अंडे संभवत: लैब में केमिकल से तैयार किए जा रहे हैं, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। अगर आप भी अंडा खाते हैं तो पकने के बाद इसकी क्वालिटी को पहले सही से चेक कर लें, कहीं ये नकली अंडा तो नहीं. इसके अलावा, आप अंडा खरीदें तो असली-नकली की पहचान इन 5 तरीकों से ज़रूर कर लें।
अक्सर लोग सुबह नाश्ते में अंडा खाना पसंद करते हैं, लेकिन इन दिनों मार्केट में एक्सपायर, सड़े हुए बेकार और नक़ली अंडे भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक खबर के अनुसार, खराब, एक्सपायर अंडे खाने से आपको फूड पॉइज़निंग हो सकती है, इसलिए शुरुआती चेतावनी के संकेतों को पहचानना बहुत ज़रूरी है। आप अंडे के रंग-रूप, बनावट, गंध और ताज़गी से इसके असली-नकली, खराब होने की पहचान कर सकते हैं।
जब भी अंडा खरीदें तो उसके डिब्बे पर लिखे एक्सपायरी डेट को जरूर चेक करें। ऑनलाइन आप कार्टन में पैक अंडे मंगाते हैं तो लेने से पहले डेट जांचें। कार्टन के लेबल पर सही डेट ही बताएगा ये एक्सपायर, खराब है या खाने लायक है। यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, अगर अंडों को ठीक से स्टोर किया जाए, तो आप उसे चार से पांच हफ़्ते तक खा सकते हैं।
अंडे लेते समय अण्डों के खोल को अच्छी तरह देखें कि कहीं अण्डों के खोल (shells) टूटे तो नहीं हैं। अगर अण्डों के खोल क्रेक हैं तो ऐसे अंडे खरीदने से बचें। शेल्स अण्डों के लिए एक नेचुरल प्रोटेक्टिव लेयर होते हैं। जिसके क्रैक होने पर अंडे के अंदर बैक्टीरिया घुस सकते हैं। बेहद छोटा सा क्रैक भी अंडे की ताजगी और सेफ्टी को प्रभावित करता है।
अंडे के छिलके पर यदि आपको चिपचिपापन सा महूसस हो तो ये बैक्टीरियल इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसी कोटिंग वाले अंडों को तुरंत फेंक देना चाहिए। साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया छिलके के ऊपर और अंडे के अंदर मौजूद हो सकते हैं, जिससे पेट की बीमारियां हो सकती हैं। 4° सेल्सियस या इससे कम तापमान में अंडों को फ्रिज में रखें। इससे बैक्टीरिया की ग्रोथ रोकने में मदद मिलती है। अगर इस तापमान पर रखें जाए तो अंडे कई दिनों तक फ्रेश बने रहते हैं।
अंडे को उबालते हैं तो खाने से पहले चेक करें कि उजला या पीला भाग स्पंजी तो नहीं। तोड़ने पर रबर जैसा तो नहीं। अगर ऐसा महसूस हो तो इस तरह के अंडे को बिल्कुल न खाएं। आप वायरल वीडियो में साफ देख सकते हैं कि पके हुए अंडे को हाथों से तोड़ते समय कैसे रबर जैसे महसूस हो रहे हैं।
कई बार अंडे के खोल को छूने पर पाउडर जैसे हाथों पर लग जाता है, ये फफूंदी या फंगल इन्फेक्शन का संकेत हो सकती है। अंडों पर फफूंदी तब लगती है, जब इसे गंदी, गर्म और नमी वाली जगहों पर रखा जाता है। क्रैक शेल होने से ये फफूंदी अंडे के अंदर भी जा सकती है। इससे अंडे के अंदर काले धब्बे नजर आ सकते हैं।
अंडे असली हैं या नकली, इसे पानी में डालकर भी चेक कर सकते हैं। ताजे अंडे पानी में डूब जाएंगे, वहीं पुराने और खराब अंडे पानी पर तैरते दिखेंगे, क्योंकि इनके अंदर गैस बन जाता है।
अंडे की स्मेल कई बार बहुत खराब होती है। ये महक अंडे की सेफ्टी को दर्शाता है। खराब अंडे हाइड्रोजन सल्फाइड रिलीज करते हैं जो बेहद गंदा स्मेल छोड़ते हैं। अंडे को बाउल में तोड़कर देखें, अगर बेहद खराब, सड़ा सा स्मेल आए तो फेंक दे।
अंडा फ्रेश होगा तो उसका सफेद वाला हिस्सा गाढ़ा और चिपचिपा सा होगा। यदि ये बहुत पतला, पानी जैसे फोड़ते ही फैल जाए तो ये पुराना अंडा हो सकता है। हालांकि, जरूरी नहीं कि सभी पतले सफेदी वाले अंडे खराब ही हों, लेकिन बदबू आए तो फेंक देने में ही भलाई है।
कई बार अंडे की ज़र्दी यानी पीला वाला हिस्सा भी फोड़ते ही फैल जाता है। शेप सही नहीं होता है। एक फ्रेश अंडे की जर्दी गोल और सख्त होती है, जिसका रंग गहरा पीला या नारंगी होता है। चपटी, बेरंग जर्दी खराब क्वालिटी या अंडे के पुराने होने का संकेत है।
अंडे में मौजूद पोषक तत्व
अंडे में प्रोटीन भरपूर होता है, इसलिए मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाने, इनके निर्माण और मरम्मत के लिए बॉडी बिल्डर, वर्कआउट करने वाले, एथलीट्स, खिलाड़ी आदि अंडे खूब खाते हैं। इसमें प्रोटीन के अलावा, विटामिन ए, डी, ई, बी12, फोलेट होते हैं। वहीं, मिनरल्स में जिंक, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन आदि भी पाए जाते हैं।
सड़े और खराब अंडे खाने से क्या होता है?
यदि आप एक्सपायर और खराब अंडे खाते हैं तो आपको फूड पॉइजनिंग हो सकती है। इससे आपके पेट में दर्द हो सकता है, उल्टी हो सकती है, डायरिया, बुखार, मतली, सिरदर्द, कमजोरी, डिहाइड्रेशन आदि की समस्या शुरू हो सकती है। खराब अंडों में साल्मोनेला नामक नुकसानदायक बैक्टीरिया होते हैं। ऐसे में अंडे जब भी बनाएं तो घर पर उसके असली-नकली होने की जांच ऊपर बताए गए तरीकों से जरूर कर लें। ऐसे अंडे बच्चों, बुजुर्गों को बिल्कुल न दें, इन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, ऐसे में खराब अंडे खाने से गंभीर रूप से इंफेक्शन हो सकता है।
अंडे खाने के फायदे।
अंडे खाने से मांसपेशियां तो मजबूत होती ही हैं, आंखों की रोशनी भी बढ़ती है। ल्यूटिन नामक एंटीऑक्सीडेंट आंखों को हेल्दी रखने में काफी कारगर होते हैं। इसमें कैलोरी कम और प्रोटीन अधिक होता है, जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है. अंडे में मौजूद कोलीन ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करते हैं, याददाश्त बढ़ाते हैं। इसमें मौजूद विटामिन डी, कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूती देते हैं। अंडे में विटामिन ए, ई, बायोटिन होने के कारण ये बालों और स्किन के लिए भी हेल्दी होता है। गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर हार्ट को हेल्दी रखता है।
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