क्या बिहार सच में बनेगा देश का टॉप-5 राज्य? अररिया में नीतीश का बड़ा दावा, सम्राट बोले—फारबिसगंज में बनेगा एयरपोर्ट

समृद्धि यात्रा के दौरान अररिया पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दावा किया कि आने वाले समय में बिहार देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल होगा। वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने फारबिसगंज में एयरपोर्ट बनाने की योजना की घोषणा कर विकास की नई संभावनाओं का संकेत दिया।

क्या बिहार सच में बनेगा देश का टॉप-5 राज्य? अररिया में नीतीश का बड़ा दावा, सम्राट बोले—फारबिसगंज में बनेगा एयरपोर्ट

समृद्धि यात्रा में विकास का दावा

बिहार की राजनीति में विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर एक बार फिर बड़ी घोषणाएं सामने आई हैं। नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण के तहत जब अररिया पहुंचे, तो उन्होंने राज्य के भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार देश के शीर्ष पांच विकसित राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने अपने संबोधन में पिछले दो दशकों में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि 2005 के बाद राज्य में कानून व्यवस्था और विकास दोनों में बड़ा सुधार हुआ है।

2005 से अब तक के बदलाव की चर्चा

मुख्यमंत्री ने लोगों को 2005 से पहले के बिहार की स्थिति याद दिलाते हुए कहा कि उस समय भय और असुरक्षा का माहौल था। सत्ता संभालने के बाद सरकार ने कानून का राज स्थापित किया, जिससे लोगों को राहत मिली और सामाजिक सौहार्द का माहौल बना।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी वर्गों के लिए विकास की योजनाएं लागू की हैं। इसी कड़ी में कब्रिस्तानों की घेराबंदी के बाद 2016 से 60 वर्ष से अधिक पुराने मंदिरों के चारों ओर भी बाउंड्री वॉल बनवाने का काम किया गया।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जोर

अररिया कॉलेज स्टेडियम में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2005 में राज्य में लगभग 3.68 लाख शिक्षक थे, जबकि बाद के वर्षों में बड़ी संख्या में नई नियुक्तियां की गईं और अब 45 हजार और शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीज कम आते थे, लेकिन अब मुफ्त दवा और बेहतर इलाज की वजह से औसतन 11,600 मरीज हर महीने इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

उद्योग और कृषि को मिलेगा बढ़ावा

नीतीश कुमार ने राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए उद्योग और कृषि क्षेत्र को अहम बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में उद्योगों का विस्तार किया जाएगा और कई पुरानी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की योजना है। इसके साथ ही मखाना उत्पादन, डेयरी उद्योग और मछली पालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि रोडमैप के जरिए राज्य में अनाज, फल और मछली उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है।

बिजली और सोलर ऊर्जा की नई योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है और 2018 तक हर घर तक बिजली पहुंचा दी गई थी। उन्होंने घोषणा की कि अब राज्य के 50 हजार घरों में सोलर प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बिजली व्यवस्था और मजबूत होगी।

रोजगार और महिला सशक्तिकरण की बात

नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि पंचायत और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह जीविका से जुड़ी महिलाओं की संख्या अब 1.69 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही हैं।

फारबिसगंज में बनेगा एयरपोर्ट

सभा में मौजूद बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी अररिया जिले के विकास को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि फारबिसगंज में जल्द ही हवाई अड्डा बनाया जाएगा, जिसके लिए करीब 150 एकड़ जमीन चिन्हित की जा रही है। इसके अलावा सुपौल जिले के वीरपुर में भी एयरपोर्ट परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

विकास की राजनीति और भविष्य की उम्मीदें

अररिया की सभा में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की घोषणाओं ने एक बार फिर बिहार के विकास मॉडल को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है! अब सवाल यह है कि जिन योजनाओं और दावों की घोषणा की गई है, वे जमीन पर कितनी तेजी से उतरती हैं। अगर योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो बिहार के विकास की दिशा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।