बिहार में भवन नियमों पर सरकार का नरम रुख, जेल की जगह जुर्माना व्यवस्था लागू करने की तैयारी
उफ़क साहिल
बिहार सरकार भवन नियमावली के उल्लंघन से जुड़े प्रावधानों में बड़ा बदलाव करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित नीति के तहत अब भवन नियमों के उल्लंघन पर जेल की सजा नहीं दी जाएगी और लोगों को सख्त दंड से राहत मिलेगी। सरकार ऐसे मामलों में जुर्माना और कंपाउंडिंग शुल्क के माध्यम से समाधान करने की तैयारी कर रही है।
नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने पटना के तारामंडल सभागार में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान बताया कि भवन निर्माण से जुड़ी मौजूदा प्रक्रियाएं आम नागरिकों के लिए काफी जटिल हैं। उन्होंने कहा कि नियमों में सुधार और प्रक्रिया को सरल बनाने से शहरों का सुनियोजित विकास संभव होगा और शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नए नियमों में गंभीर और जानबूझकर किए गए उल्लंघनों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, लेकिन मामूली, तकनीकी या अनजाने उल्लंघनों में लोगों को सुधार का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए भवन स्वीकृति प्रणाली को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से आम नागरिकों और छोटे भवन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही अवैध निर्माण के मामलों में कमी आएगी और रियल एस्टेट व शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
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