अमेरिकी सीनेट में AI की एंट्री: आधिकारिक काम के लिए ChatGPT समेत कई चैटबॉट्स को मिली मंजूरी, प्रशासनिक कार्यों में होगा उपयोग खबर
अमीर हम्ज़ह
अमेरिका की संसद के उच्च सदन यूएस सीनेट ने आधिकारिक कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित चैटबॉट्स के उपयोग को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब सीनेट के कर्मचारी और संसदीय सहायक अपने प्रशासनिक और शोध से जुड़े कामों में OpenAI के ChatGPT, गूगल के Gemini और माइक्रोसॉफ्ट के Copilot जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस फैसले को सरकारी संस्थानों में आधुनिक तकनीक को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक सीनेट प्रशासन ने कर्मचारियों को इन AI टूल्स का उपयोग सीमित और नियंत्रित दायरे में करने की अनुमति दी है। इन चैटबॉट्स की मदद से दस्तावेज़ तैयार करना, लंबी रिपोर्टों का सार निकालना, शोध से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करना, भाषण या ब्रीफिंग नोट्स तैयार करना और विभिन्न प्रकार के प्रशासनिक कार्यों को तेज़ी से पूरा करना आसान हो सकेगा। इससे कर्मचारियों का समय बचेगा और कार्यकुशलता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार इन AI टूल्स को सुरक्षित डिजिटल वातावरण में इस्तेमाल किया जाएगा ताकि संवेदनशील सरकारी डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। खासतौर पर माइक्रोसॉफ्ट का Copilot माइक्रोसॉफ्ट 365 के सरकारी संस्करण के भीतर काम करेगा, जो उच्च स्तर की सुरक्षा और डेटा नियंत्रण प्रणाली के साथ तैयार किया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे गोपनीय या अत्यंत संवेदनशील जानकारी को सीधे AI प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचें।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सरकारी कार्यप्रणाली में AI के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में निजी कंपनियों, मीडिया संगठनों और शिक्षा क्षेत्र में AI का उपयोग तेजी से बढ़ा है और अब सरकारी संस्थान भी इस तकनीक को अपनाने लगे हैं। इससे न केवल कार्यों की गति बढ़ेगी बल्कि बड़े स्तर पर डेटा विश्लेषण और सूचना प्रबंधन भी अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
हालांकि AI के उपयोग को लेकर कई तरह की चिंताएं भी सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इसमें गलत या भ्रामक जानकारी आने की संभावना भी बनी रहती है। इसके अलावा डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर भी लगातार चर्चा चल रही है।
इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सीनेट प्रशासन ने AI टूल्स के उपयोग के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश तय किए हैं। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे AI को केवल सहायक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करें और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य करें।
विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला भविष्य में सरकारी तंत्र में तकनीक के और व्यापक उपयोग का रास्ता खोल सकता है। आने वाले समय में संभव है कि नीति निर्माण, शोध और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में AI की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाए। फिलहाल अमेरिकी सीनेट का यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दुनिया की बड़ी लोकतांत्रिक संस्थाएं भी अब डिजिटल और AI आधारित कार्यप्रणाली की ओर तेजी से बढ़ रही हैं।

