LPG Crisis: बिहार से एमपी तक गैस की किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट बंद होने का खतरा
देश के कई राज्यों में एलपीजी गैस सप्लाई को लेकर संकट गहराता जा रहा है। बिहार, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में कमर्शियल सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। सरकार ने घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को इस संकट की बड़ी वजह माना जा रहा है।
LPG Gas Cylinder Crisis: देश के कई राज्यों में इन दिनों रसोई गैस सप्लाई को लेकर संकट की स्थिति बन गई है। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में एलपीजी की कमी से आम लोगों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट उद्योग भी परेशान है। कई होटल संचालकों का कहना है कि उनके पास केवल एक-दो दिन का गैस स्टॉक बचा है और जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो रसोई बंद करनी पड़ सकती है।
बिहार में स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही है। यहां फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही है और कई लोगों को बुकिंग के बाद डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) नहीं मिल पा रहा है, जिससे गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का कहना है कि घरेलू गैस की कमी नहीं है और जिन लोगों ने बुकिंग की है, उन्हें जल्द डिलीवरी दी जाएगी। पटना जिला प्रशासन ने भी स्थिति की निगरानी शुरू कर दी है और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश में भी कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई सीमित कर दी गई है और फिलहाल अस्पतालों तथा शैक्षणिक संस्थानों को ही प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं हैदराबाद में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द गैस सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कई प्रतिष्ठान बंद हो सकते हैं। रमज़ान के महीने में यह स्थिति और गंभीर मानी जा रही है।
तमिलनाडु होटल ओनर्स एसोसिएशन ने भी कहा है कि व्यावसायिक एलपीजी की कमी के कारण राज्य के करीब एक लाख रेस्तरां बंद होने के खतरे में हैं, जिससे लाखों लोगों की रोज़गार पर असर पड़ सकता है।
गैस संकट की एक बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले गैस टैंकर प्रभावित हुए हैं, जिससे भारत की एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ा है और कुल आपूर्ति में करीब 30 प्रतिशत तक की कमी आई है।
हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत घरेलू रसोई गैस को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। साथ ही रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और वैकल्पिक रूट्स से गैस आयात की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
Shaekh Arshi

