बांग्लादेश ने भारत की बजाय अमेरिका से मक्का खरीदना शुरू किया, कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार के किसानों में चिंता
खुशबू खातून
बिहार के कोसी-सीमांचल और पूर्वी इलाकों के किसानों के बीच उस समय चिंता बढ़ गई है जब खबर सामने आई कि बांग्लादेश ने भारत के बजाय अमेरिका से मक्का (कॉर्न) खरीदना शुरू कर दिया है। इससे बिहार के उन किसानों को बड़ा झटका लग सकता है, जो अपनी फसल का बड़ा हिस्सा बांग्लादेश को निर्यात करते रहे हैं।
दरअसल, बिहार के कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, सहरसा और मधेपुरा जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर मक्का की खेती होती है। यहां के किसान लंबे समय से बांग्लादेश को मक्का भेजते रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छी कीमत मिल जाती थी। लेकिन अब बांग्लादेश द्वारा अमेरिका से मक्का आयात करने की खबर से किसानों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि अगर बांग्लादेश ने भारत से मक्का खरीदना कम कर दिया, तो इसका सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ेगा। इससे मक्का की कीमतों में गिरावट आ सकती है और किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत, गुणवत्ता और व्यापारिक समझौतों के आधार पर आयात-निर्यात के फैसले लिए जाते हैं। ऐसे में भारत को भी अपनी निर्यात नीति को मजबूत करना होगा, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें।
स्थानीय किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि मक्का के लिए वैकल्पिक बाजार उपलब्ध कराया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) या अन्य योजनाओं के जरिए किसानों को राहत दी जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर आने वाले सीजन में मक्का की खेती पर भी पड़ सकता है।
बांग्लादेश के इस फैसले ने बिहार के मक्का किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर सरकार की नीतियों और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी है, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
Khushboo Khatoon

