नीट छात्रा मामला: अस्पताल स्टाफ का खुलासा, बेहोश थी छात्रा, शरीर पर खरोंच
नीट छात्रा मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को प्रभात अस्पताल पहुंचकर एक महिला स्टाफ से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। स्टाफ ने बताया कि छात्रा बेहोशी की हालत में लाई गई थी और उसके शरीर पर खरोंच के निशान थे। अस्पताल में दुष्कर्म की चर्चा भी थी, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म का उल्लेख किया गया है। वहीं अस्पताल की रिपोर्ट में मौत का कारण नशीली दवा का ओवरडोज बताया गया था।
नीट छात्रा मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम शुक्रवार को प्रभात अस्पताल पहुंची और वहां एक महिला स्टाफ से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। महिला स्टाफ से पूछा गया कि जब छात्रा को अस्पताल लाया गया था, तब उसकी क्या स्थिति थी और उस समय क्या देखा गया।
महिला स्टाफ ने बताया कि छात्रा बेहोशी की हालत में थी और उसके शरीर पर खरोंच के निशान थे। उसने यह भी कहा कि अस्पताल के अंदर यह चर्चा थी कि छात्रा के साथ घिनौनी हरकत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दुष्कर्म का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, अस्पताल की ओर से जारी रिपोर्ट में मौत का कारण नशीली दवा का ओवरडोज बताया गया था। इस पर महिला स्टाफ ने कहा कि रिपोर्ट कैसे और क्यों लिखी गई, इसका जवाब लैब के कर्मचारी ही दे सकते हैं। रिपोर्ट बदली गई या नहीं, इस पर टिप्पणी करने से उसने इनकार करते हुए कहा कि इसकी जांच सीबीआई को करनी चाहिए और वह जांच में पूरा सहयोग करेगी।
जब उससे अस्पताल के डॉक्टर सतीश के बारे में पूछताछ को लेकर सवाल किया गया, तो उसने कहा कि डॉक्टर सतीश के संबंध में उससे कोई पूछताछ नहीं की गई
इधर, इस मामले में गिरफ्तार हॉस्टल संचालक मनीष रंजन की जमानत अर्जी पर सुनवाई जारी है। 26 फरवरी को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। अब 28 फरवरी को पॉक्सो कोर्ट में दोबारा सुनवाई होनी है। कोर्ट ने इस तारीख पर सीबीआई के जांच अधिकारी (IO) और एसआईटी को भी तलब किया है।
26 फरवरी को ही अदालत ने सीबीआई को शो-कॉज नोटिस जारी कर यह पूछा था कि जब पॉक्सो कोर्ट में मामला लंबित है, तो अलग से एफआईआर क्यों दर्ज की गई।
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