2050 तक हर साल 35 लाख ब्रेस्ट कैंसर केस की आशंका, वैश्विक रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

2050 तक हर साल 35 लाख ब्रेस्ट कैंसर केस की आशंका, वैश्विक रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

उफ़क साहिल

एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहे तो साल 2050 तक दुनिया में हर साल लगभग 3.5 मिलियन यानी करीब 35 लाख ब्रेस्ट कैंसर के नए मामले सामने आ सकते हैं। यह संख्या वर्तमान आंकड़ों की तुलना में काफी ज्यादा है और इसे महिलाओं की सेहत के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं।

बदलती और असंतुलित जीवनशैली,मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी,शराब और तंबाकू का सेवन,देर से जांच और इलाज,कई देशों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी,ये सभी कारण मिलकर इस बीमारी के जोखिम को बढ़ा रहे हैं।बदलती लाइफस्टाइल, देर से जांच और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को विशेषज्ञों ने बताया बढ़ते खतरे की बड़ी वजह।

रिपोर्ट में वर्तमान आंकड़ों के आधार पर 2023 से 2050 तक के संभावित मामलों का अनुमान लगाया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगले लगभग 25 वर्षों में यह बीमारी तेजी से बढ़ सकती है। यह समस्या दुनिया भर के देशों में देखने को मिल सकती है, लेकिन निम्न और मध्यम आय वाले देशों में इसका असर अधिक गंभीर होने की आशंका जताई गई है, क्योंकि वहां जागरूकता और स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। यह अनुमान अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई एक वैश्विक अध्ययन रिपोर्ट में सामने आया है, जिसमें कैंसर से जुड़े लंबे समय के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। विशेषज्ञों ने पिछले कई दशकों के कैंसर डेटा का अध्ययन कर भविष्य के रुझानों का अनुमान लगाया। शोध में पाया गया कि यदि जोखिम कारकों पर नियंत्रण नहीं किया गया और शुरुआती जांच की व्यवस्था मजबूत नहीं हुई, तो आने वाले वर्षों में मामलों और मौतों दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

भारत में भी बढ़ रहा खतरा

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत में पिछले तीन दशकों में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में मामलों में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि देश में कई महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं या देर से अस्पताल पहुंचती हैं, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और जांच सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी चुनौती है।

डॉक्टरों के अनुसार कुछ सावधानियां अपनाकर ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है:

नियमित मेमोग्राफी और स्वास्थ्य जांच,संतुलित और पौष्टिक भोजन,रोजाना व्यायाम और शारीरिक गतिविधि,शराब और तंबाकू से, दूरीवजन नियंत्रित रखना,शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जागरूकता बढ़ाई जाए, नियमित जांच को बढ़ावा दिया जाए और स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जाए तो भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है। अन्यथा 2050 तक यह बीमारी वैश्विक स्तर पर महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकती है।