किडनी को कैसे रखें सुरक्षित: डॉक्टर्स बताते हैं बीमारी से बचाव के आसान तरीके

किडनी को कैसे रखें सुरक्षित: डॉक्टर्स बताते हैं बीमारी से बचाव के आसान तरीके

सालेहा वसीम 

हर साल मार्च के दूसरे गुरुवार को मनाया जाने वाला विश्व किडनी दिवस किडनी संबंधी बीमारियों और उनके बढ़ते जोखिम को लेकर जागरूकता फैलाने का अवसर माना जाता है। इस वर्ष यह दिवस 12 मार्च को मनाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, देश में किडनी से जुड़ी समस्याओं के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका बड़ा कारण खराब जीवनशैली, असंतुलित खान पान और किसी परेशानी को अनदेखा करना है।

डॉक्टर बताते हैं कि किडनी को शरीर का “नेचुरल फिल्टर” माना जाता है यह खून से टॉक्सिन्स को बाहर निकालती है और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखती है। हालांकि, अधिकतर लोग तब तक किडनी की सेहत पर ध्यान नहीं देते जब तक वह 70 -80% तक क्षतिग्रस्त न हो जाए। शुरुआती लक्षण अक्सर साधारण थकान, भूख कम लगना या हल्का पाचन संबंधी जैसे होते हैं, जिन्हें लोग साधारण समस्याएं मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

डॉक्टरों का मानना है कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर, किडनी खराब होने के दो सबसे बड़े कारण हैं। उनके मुताबिक, अगर लोग अपनी दिनचर्या में कुछ बुनियादी बदलाव कर लें, तो किडनी रोगों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना किडनी से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।

रोज़ाना लगभग 2.5–3 लीटर पानी पीना फायदेमंद माना जाता है।हालांकि, ज़रूरत से ज्यादा पानी भी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

नमक के सेवन पर भी ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक, अधिक नमक किडनी पर “धीमे जहर” की तरह असर कर सकता है, इसलिए दिन भर में करीब 5 ग्राम (एक चम्मच से कम) नमक का सेवन बेहतर माना जाता है।

डॉक्टरों का कहना हैं कि सिरदर्द या बदन दर्द में लोग अक्सर बिना सलाह के पेनकिलर ले लेते हैं, जो किडनी को नुकसान पहुंचाने वाला एक बड़ा कारण हो सकता है।

इन दवाओं के लगातार इस्तेमाल से किडनी में ब्लड फ्लो कम होता है, जिससे एक्यूट किडनी इंजरी का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर्स बताते है कि डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना ,हर 12 महीने में एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और यूरिन टेस्ट कराना

विशेष रूप से डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों को नियमित जांच करवानी चाहिए।

नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रित रखने से किडनी पर पड़ने वाला मेटाबॉलिक बोझ कम होता है, जिससे किडनी बेहतर तरीके से काम कर पाती है।