बिहार की कुर्सी पर सियासी हलचल: नीतीश अभी मुख्यमंत्री, लेकिन ‘अगला चेहरा’ तलाशने लगी राजनीति

बिहार की सियासत में इन दिनों मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चर्चा तेज है। मुख्यमंत्री अभी भी नीतीश कुमार ही हैं, लेकिन उनके राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, विजय सिन्हा, संजीव चौरसिया और श्रेयसी सिंह जैसे कई नाम संभावित मुख्यमंत्री के तौर पर उभर रहे हैं। गांव की चौपाल से लेकर सोशल मीडिया तक एक ही सवाल गूंज रहा है—आखिर नीतीश के बाद बिहार की कमान किसके हाथ में होगी?

बिहार की कुर्सी पर सियासी हलचल: नीतीश अभी मुख्यमंत्री, लेकिन ‘अगला चेहरा’ तलाशने लगी राजनीति

बिहार की राजनीति इन दिनों दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर फिलहाल नीतीश कुमार ही बैठे हैं और एनडीए सरकार उन्हीं के नेतृत्व में चल रही है। लेकिन राज्य की गलियों, चौपालों और सोशल मीडिया पर एक सवाल तेजी से तैर रहा है—नीतीश कुमार के बाद बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा?

दरअसल, जैसे ही यह चर्चा सामने आई कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं, वैसे ही राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू हो गया। गांव की चौपाल से लेकर शहर के चौराहों तक लोग अपने-अपने अंदाज में अगला मुख्यमंत्री तय करने लगे हैं। सोशल मीडिया पर तो कई नेताओं की तस्वीरें साझा कर उन्हें पहले से ही मुख्यमंत्री बनने की बधाइयां दी जाने लगी हैं।

सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम- इस सियासी चर्चा में सबसे ज्यादा नाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का लिया जा रहा है। भाजपा के मजबूत नेताओं में गिने जाने वाले सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं। माना जाता है कि पार्टी संगठन में उनकी पकड़ मजबूत है। चुनाव के दौरान भी उनकी भूमिका काफी अहम रही थी। यही वजह है कि कई लोग उन्हें मुख्यमंत्री पद का संभावित चेहरा मान रहे हैं।

नित्यानंद राय भी चर्चा में- दूसरे नंबर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम सामने आ रहा है। यादव समाज से आने वाले नित्यानंद राय को भाजपा का बड़ा ओबीसी चेहरा माना जाता है। बिहार की राजनीति में यादव वोट बैंक की अहमियत को देखते हुए उनके नाम को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।

विजय सिन्हा की सख्त छवि- तीसरे नंबर पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की चर्चा हो रही है। राजस्व और भूमि सुधार विभाग संभालते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया, जिससे उनकी एक मजबूत प्रशासक की छवि बनी। भूमिहार समाज के बीच भी उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखने की चर्चा तेज है।

नए चेहरों की भी चर्चा- राजनीतिक चर्चाओं में दीघा से भाजपा विधायक संजीव चौरसिया का नाम भी सामने आ रहा है। अति पिछड़ा समाज से आने वाले चौरसिया को भाजपा की नई सामाजिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी तरह सांसद और पूर्व मंत्री जनक राम का नाम भी संभावित चेहरों में शामिल है। दलित समाज में उनकी पकड़ को देखते हुए समर्थक उन्हें भी मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहे हैं। वहीं मंत्री दिलीप जायसवाल का नाम भी चर्चा में है। कोसी और सीमांचल क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत मानी जाती है और संगठन में भी उनकी अच्छी पहचान है।

क्या महिला चेहरा सामने आएगा?- अगर भाजपा महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का फैसला करती है तो खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का नाम भी सामने आ सकता है। राजनीतिक परिवार से आने वाली श्रेयसी सिंह पिछले कुछ समय से काफी सक्रिय रही हैं।

क्या निशांत कुमार बन सकते हैं उत्तराधिकारी?- इधर जदयू के अंदर एक और चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी धीरे-धीरे राजनीतिक हलकों में उभर रहा है। हालांकि वे सक्रिय राजनीति में अभी नए हैं, लेकिन कुछ लोग उन्हें नीतीश कुमार का संभावित उत्तराधिकारी मानते हैं।

नया दांव भी संभव- राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अचानक किसी नए चेहरे पर भी दांव खेल सकती है। पार्टी पहले भी कई राज्यों में ऐसा प्रयोग कर चुकी है। इसलिए अभी किसी एक नाम पर मुहर लगना मुश्किल है।

फिलहाल हकीकत यही है कि बिहार की कमान अभी भी नीतीश कुमार के हाथ में है। लेकिन ‘अगला मुख्यमंत्री कौन’ का सवाल आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को और दिलचस्प बना सकता है।