DGGI की कार्रवाई: ऑनलाइन गेमिंग जांच में फिनो पेमेंट्स बैंक के MD ऋषि गुप्ता गिरफ्तार
हैदराबाद में चल रही ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट की जांच के दौरान DGGI ने फिनो पेमेंट्स बैंक के सीईओ और एमडी ऋषि गुप्ता को मुंबई से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर हैदराबाद लाया। एजेंसी का कहना है कि बैंक और उसके अधिकारियों ने जांच में सहयोग नहीं किया और जरूरी दस्तावेज देने में विफल रहे। मामले में शेल कंपनियों और संदिग्ध लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
नवीदुल हसन
ऑनलाइन गेमिंग घोटाले में DGGI की बड़ी कार्रवाई, फिनो बैंक के MD ऋषि गुप्ता गिरफ्तार
हैदराबाद: वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (DGGI) ने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए Directorate General of GST Intelligence ने Fino Payments Bank के सीईओ और एमडी Rishi Gupta को गिरफ्तार कर लिया है।
DGGI का आरोप है कि बैंक और उसके प्रमुख ने बार-बार नोटिस और समन भेजे जाने के बावजूद जरूरी दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। एजेंसी का कहना है कि इसी कारण सख्त कार्रवाई की गई।
जांच के अनुसार, हैदराबाद स्थित DGGI की टीम 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन वाले एक कथित अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग रैकेट की जांच कर रही है। ऋषि गुप्ता को शुक्रवार को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। स्थानीय अदालत ने उन्हें 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा, जिसके बाद शनिवार शाम उन्हें हैदराबाद लाया गया। यहां उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों के साथ हुए लेन-देन में ऋषि गुप्ता की क्या भूमिका रही। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम उनके विदेश दौरों की भी पड़ताल कर रही है।
DGGI के मुताबिक, फिनो बैंक ने Adsum Advisory Services प्राइवेट लिमिटेड की सेवाएं ली थीं। इस कंपनी के निदेशक को पहले ही इसी मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। आरोप है कि शेल कंपनियों और फर्जी व्यापारियों के लिए धोखाधड़ी से KYC सत्यापन किया गया, जिनके जरिए ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा पैसा ट्रांसफर किया गया।
समन का पालन न करने के आरोप में DGGI ने 26 फरवरी को जीएसटी एक्ट 2017 की धारा 67 के तहत मुंबई स्थित बैंक के रजिस्टर्ड कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान बैंक कर्मचारियों पर जांच अधिकारियों को काम करने से रोकने का भी आरोप है। DGGI का कहना है कि कर्मचारियों ने अधिकारियों को डेटा तक पहुंच देने से मना किया और सहयोग नहीं किया।
जांच में यह भी सामने आया है कि फिनो बैंक से जुड़े कुछ प्रोग्राम मैनेजर और पार्टनर कंपनियां—जैसे PSRao Digital Solutions, Billexpress Solutions और Powerfin Technology—कथित रूप से गैर-कार्यशील और डमी कंपनियां थीं।
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