मुख्यमंत्री का फोकस: शहर में सड़क निर्माण, ट्रैफिक समाधान और फायर सेफ्टी को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने शहर के मुख्य शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़कों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़कों को नगर प्रशासन के अधीन लाकर बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। ट्रैफिक जाम से राहत के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने, स्ट्रीट लाइट्स की निगरानी डैशबोर्ड से करने और आग से सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया। इसके अलावा ऐतिहासिक इमारतों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर भी अधिकारियों को काम करने के निर्देश दिए गए।
नवीदुल हसन
मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्र में सड़कों, ट्रैफिक और फायर सेफ्टी पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के मुख्य शहरी क्षेत्र (कोर अर्बन एरिया) में सड़कों के निर्माण को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि नई सड़कों का निर्माण रोजगार गारंटी योजना के तहत भी किया जा सकता है, ताकि लोगों को काम भी मिले और विकास कार्य भी तेजी से पूरे हों।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य शहरी क्षेत्र में जो सड़कें अभी रोड्स एंड बिल्डिंग्स विभाग के अधिकार क्षेत्र में हैं, उन्हें नगर प्रशासन और शहरी विकास विभाग को सौंप दिया जाए। इससे अलग-अलग विभागों के बीच सड़कों के मालिकाना हक को लेकर होने वाला भ्रम खत्म होगा और रखरखाव का काम बेहतर तरीके से हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर एलिवेटेड कॉरिडोर (ऊपरी सड़क मार्ग) बनाने का प्रस्ताव भी रखा। उनका मानना है कि इससे यातायात जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी।
उन्होंने स्ट्रीट लाइट्स की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि डैशबोर्ड के जरिए स्ट्रीट लाइट्स की कार्यप्रणाली की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और जो भी समस्याएं सामने आएं, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्य शहरी क्षेत्र में फायर सेफ्टी को उच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐतिहासिक महत्व की इमारतों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रस्तावों और डिजाइनों की भी समीक्षा की और अधिकारियों से इस दिशा में विस्तृत योजना तैयार करने को कहा।
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