चावल खाने से बढ़ता है पेट? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए सही तरीके..

चावल खाने से बढ़ता है पेट? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए सही तरीके..

सालेहा वसीम 

भारत में चावल रोज़मर्रा के खाने का एक अहम हिस्सा है। दाल-चावल, राजमा-चावल या अलग-अलग तरह की करी के साथ चावल खाना कई लोगों की पसंद होती है। लेकिन अक्सर यह धारणा भी सुनने को मिलती है कि चावल खाने से पेट निकल आता है और वजन बढ़ता है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक आयुर्वेदिक डॉक्टर ने इस धारणा को लेकर कुछ बातें साझा की हैं। उनके अनुसार, चावल खुद से मोटापा या पेट नहीं बढ़ाता, बल्कि इसे खाने का तरीका और किस तरह का चावल खाया जा रहा है, यह ज़्यादा मायने रखता है।

नया और पुराना चावल

आयुर्वेद में चावल की उम्र को महत्वपूर्ण माना गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, नया चावल यानी ताज़ा फसल का चावल पुराने चावल के तुलना में भारी होता है और इसे पचाने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे कुछ लोगों में कफ बढ़ सकता है और पाचन से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है।

इसके उल्टा, करीब एक साल पुराना चावल नए चावल के तुलना में हल्का और पाचन में आसान माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा चावल पेट पर कम बोझ डालता है और शरीर को जल्दी ऊर्जा देने में मदद करता है।

चावल पकाने का तरीका

 चावल पकाने के तरीके पर भी जोर दिया गया है। कुछ डॉक्टरों का कहना है कि कुकर में बने चावल से कुछ लोगों को गैस या ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। इसके बजाय खुले बर्तन में अधिक पानी के साथ चावल पकाकर उसका माड़ निकालना बेहतर माना जाता है।

प्रकृति के अनुसार चावल

आयुर्वेद के अनुसार शरीर की तीन प्रमुख प्रकृतियाँ बताई जाती हैं वात, पित्त और कफ। डॉक्टरों के अनुसार चावल का सेवन भी इन्हीं के अनुसार किया जा सकता है।

वात प्रकृति: जिन लोगों को गैस, जोड़ों में दर्द या त्वचा का रूखापन रहता है, उन्हें चावल में थोड़ा घी मिलाकर खाने की सलाह दी जाती है।

पित्त प्रकृति: जिन्हें एसिडिटी या सीने में जलन की शिकायत रहती है, उनके लिए दूध या खीर के रूप में चावल लेना फायदेमंद माना जाता है।

कफ प्रकृति: जिन लोगों का वजन जल्दी बढ़ता है या जिन्हें बार-बार सर्दी-खांसी होती है, उन्हें एक साल पुराना चावल खाने और उसका माड़ निकालने की सलाह दी जाती है।

पोषण विशेषज्ञ क्या कहते हैं

पोषण विशेषज्ञों का भी मानना है कि चावल को पूरी तरह छोड़ देना ज़रूरी नहीं है। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार चावल आसानी से पचने वाला भोजन है और इसे दाल, दही, घी या सब्जियों के साथ खाने से संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

इसलिए विशेषज्ञ कहते हैं कि पेट कम करने के लिए चावल को पूरी तरह छोड़ने की बजाय उसके प्रकार, मात्रा और खाने के तरीके पर ध्यान देना ज़्यादा अहम है।