ईरान-इजरायल युद्ध का छठा दिन: ईरान ने दागीं मिसाइलें, कतर ने अमेरिकी दूतावास के पास के इलाके खाली कराए

ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के छठे दिन ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागीं, जबकि इजरायल ने उन्हें रोकने के लिए अपनी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। इसी बीच कतर ने सुरक्षा के मद्देनजर दोहा में अमेरिकी दूतावास के आसपास के इलाकों को खाली कराना शुरू कर दिया है, जिससे पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

ईरान-इजरायल युद्ध का छठा दिन: ईरान ने दागीं मिसाइलें, कतर ने अमेरिकी दूतावास के पास के इलाके खाली कराए

नवीदुल हसन

ईरान-इजरायल युद्ध का छठा दिन: ईरान ने इजरायल पर दागीं मिसाइलें, कतर ने अमेरिकी दूतावास के पास के इलाके खाली कराए

पश्चिम एशिया में चल रहा ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। गुरुवार (5 मार्च 2026) को यह युद्ध छठे दिन में प्रवेश कर गया। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया। इजरायल ने कहा है कि उसकी रक्षा प्रणाली इन मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश कर रही है।

इजरायली सेना के मुताबिक, ईरान से इजरायल की ओर दागी गई मिसाइलों की पहचान होते ही देश की वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया। सेना ने बताया कि मिसाइलों को रोकने के लिए इंटरसेप्टर सिस्टम काम कर रहा है ताकि किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके। इस हमले के बाद इजरायल के तटीय शहर नेतन्या के आसमान में रॉकेट के धुएं के निशान देखे गए, जिससे लोगों में डर और चिंता का माहौल बन गया।

यह ताजा हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है। दरअसल, कुछ दिन पहले एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया गया था। इसके बाद ईरान ने चेतावनी दी थी कि वह पूरे क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक ढांचे को निशाना बना सकता है। उसी के बाद से पश्चिम एशिया में लगातार हवाई हमले और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं।

इस बीच इजरायल ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी है। इजरायली सेना ने कहा कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में नए हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का लक्ष्य ईरान समर्थित हिजबुल्लाह संगठन के ठिकाने बताए जा रहे हैं। इजरायल का आरोप है कि हिजबुल्लाह ईरान के समर्थन से उसके खिलाफ हमलों की तैयारी कर रहा था।

हिजबुल्लाह ने भी बयान जारी कर कहा है कि वह इजरायल और अमेरिका की “आक्रामकता” का सामना करेगा और किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा। संगठन ने संकेत दिया है कि यदि हमले जारी रहे तो वह भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है। इससे पूरे क्षेत्र में संघर्ष और फैलने की आशंका बढ़ गई है।

उधर ईरान में भी हालात असामान्य बने हुए हैं। देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को फिलहाल टाल दिया गया है। यह कार्यक्रम पहले तेहरान के इमाम खुमैनी प्रेयर हॉल में आयोजित होने वाला था, जहां बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी। हालांकि सरकारी मीडिया ने बिना कोई कारण बताए इसे स्थगित कर दिया है।

खाड़ी क्षेत्र में भी इस संघर्ष का असर दिखाई देने लगा है। कतर सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि राजधानी दोहा में अमेरिकी दूतावास के आसपास रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। कतर के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हाल ही में ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र के कई ठिकानों को निशाना बनाया था। इसी दौरान दोहा में जोरदार धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ सकता है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि यह संघर्ष क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और आम लोगों में डर का माहौल है। आने वाले दिनों में इस संघर्ष का रुख किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।