राष्ट्रपति सम्मान पर राजनीति तेज, पीएम बनाम ममता आमने-सामने
दय्यान खान
कोलकाता
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राष्ट्रपति के सम्मान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़े सियासी टकराव में बदलता नजर आ रहा है। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि यह पूरा विवाद सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए खड़ा किया जा रहा है।
दरअसल हाल के दिनों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर दिए गए एक बयान को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया। भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने राष्ट्रपति के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी की है। इस मामले को लेकर भाजपा लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक हैं, इसलिए उनके सम्मान को बनाए रखना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखना उतना ही जरूरी है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह की बयानबाजी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझकर इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है ताकि राजनीतिक माहौल को गर्म किया जा सके। ममता बनर्जी का कहना है कि उनकी पार्टी हमेशा संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती आई है।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का भी कहना है कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। उनका आरोप है कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद ने एक बार फिर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच राजनीतिक खींचतान को सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, जिससे देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो सकता है।

