लंबे नाखून की चाह में हेल्थ का ख्याल भी जरूरी! नेल एक्सटेंशन से जुड़े खतरे
नेल एक्सटेंशन खूबसूरत लंबे नाखून देने के लिए लोकप्रिय हैं, लेकिन केमिकल गोंद और जेल से नाखून कमजोर हो सकते हैं और लंबे नाखूनों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। सही तरीके से न लगाना या बार-बार बदलना नाखूनों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए साफ-सफाई, अनुभवी प्रोफेशनल से लगवाना और बीच-बीच में नाखूनों को आराम देना जरूरी है।
नेल एक्सटेंशन आजकल खूबसूरत और लंबे नाखून पाने का एक लोकप्रिय तरीका बन गया है, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। नेल एक्सटेंशन में इस्तेमाल होने वाले केमिकल गोंद और जेल प्राकृतिक नाखूनों को कमजोर बना सकते हैं, जिससे नाखून पतले, टूटने वाले और दर्दनाक हो सकते हैं। लंबे नकली नाखूनों में गंदगी और बैक्टीरिया आसानी से जमा हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और कभी-कभी फंगल इंफेक्शन भी हो सकता है। इसके अलावा अगर एक्सटेंशन को सही तरीके से न लगाया जाए या बार-बार हटाया-लगाया जाए तो प्राकृतिक नाखून की सतह खराब हो सकती है। लंबे नाखून रोजमर्रा के काम करते समय टूट भी सकते हैं, जिससे उंगलियों में चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए नेल एक्सटेंशन करवाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखना, अनुभवी प्रोफेशनल से ही करवाना और बीच-बीच में नाखूनों को आराम देना जरूरी माना जाता है ताकि नाखून और उंगलियां स्वस्थ रह सकें।
Shaista azmi

