23 साल बाद बिहार पहुंचे ब्रिटेन के AI मंत्री कनिष्क, मुजफ्फरपुर में भव्य स्वागत
उफ़क साहिल
12 वर्ष की उम्र में United Kingdom चले गए ब्रिटेन के AI मंत्री कनिष्क 23 वर्षों बाद अपने गृह राज्य Bihar की यात्रा पर पहुंचे। मुजफ्फरपुर में उनका पारंपरिक स्वागत हुआ। शहर की सड़कों पर लोगों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
मुजफ्फरपुर पहुंचते ही उन्होंने कहा, “मैंने दुनिया के कई देशों में काम किया, लेकिन अपनी मिट्टी की महक जैसा एहसास कहीं नहीं मिला। यहां आकर लगता है जैसे समय ठहर गया हो, पर राज्य की रफ्तार तेज हो गई है।”
करीब ढाई दशक बाद राज्य की तस्वीर देखकर कनिष्क ने कहा कि बिहार अब केवल ऐतिहासिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सड़कों का जाल, बढ़ती इंटरनेट पहुंच और शिक्षा संस्थानों की मजबूती ने युवाओं को नए अवसर दिए हैं।
“यहां की ऊर्जा अलग है। पहले लोग बाहर जाने के सपने देखते थे, अब बाहर से लोग यहां आने की बात कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप पर फोकस
पटना में आयोजित डिजिटल इनोवेशन समिट में कनिष्क ने युवाओं, उद्यमियों और शिक्षाविदों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल तकनीक नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम बन सकता है।
कृषि में स्मार्ट डेटा विश्लेषण से पैदावार बढ़ाई जा सकती है।
स्वास्थ्य सेवाओं में AI आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम ग्रामीण इलाकों में मददगार हो सकते हैं।
शिक्षा में पर्सनलाइज्ड लर्निंग टूल्स छात्रों के प्रदर्शन को बेहतर बना सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के स्टार्टअप्स को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी अहम होगी।
कनिष्क ने संकेत दिया कि भविष्य में United Kingdom और Bihar के बीच टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और संभावित निवेश क्षेत्रों पर चर्चा की।
भावनात्मक पल और सामाजिक संदेश
मुजफ्फरपुर में अपने पुराने स्कूल और मोहल्ले का दौरा करते हुए वे भावुक हो गए। उन्होंने छात्रों से कहा, “सपनों को सीमाओं में मत बांधिए। छोटे शहर से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है।”
उन्होंने अपने शिक्षकों को सम्मानित किया और कहा कि उनकी सफलता की नींव यहीं पड़ी थी।
What's Your Reaction?

