आज की तारीख़ ग़लत है, यह कोई बोलेगा तो आप क्या कहेंगे? लेकिन यह सच है कि हम ग़लत तारीख़ में जी रहे हैं, यह जानने के लिए पढ़े पूरा लेख।
ज़रा सोचिये कि कल सुबह आपको अचानक यह पता चले कि आपकी ज़िन्दगी का अनमोल पूरा एक हफ्ता कहीं गायब हो गया तो आपका रिएक्शन क्या होगा? हम पूरे यक़ीन के साथ कह सकते हैं कि आप इस बात को लेकर बहुत परेशान होंगे इस बात कि गारंटी है।
ज़रा सोचिये कि कल सुबह आपको अचानक यह पता चले कि आपकी ज़िन्दगी का अनमोल पूरा एक हफ्ता कहीं गायब हो गया तो आपका रिएक्शन क्या होगा? हम पूरे यक़ीन के साथ कह सकते हैं कि आप इस बात को लेकर बहुत परेशान होंगे इस बात कि गारंटी है।
एक बार कैलेंडर से पूरे नौ दिन गायब हो चुके हैं।
लेकिन यह सच है कि एक बार ऐसा हो चुका है। ऐसा कोई गलती से नहीं बल्कि है इसलिए हुआ क्योंकि अधिकारियों ने तय किया था कि कैलेंडर बदलने वाला है। सुनने में भले ही यह अजीब लगे, लेकिन 15 अक्टूबर 1582 की सुबह कुछ यूरोपीय लोगों ने यही महसूस किया था।
आपको शायद इस बात पर यकीन ना हो, लेकिन ऐसा हुआ है और आपको यक़ीन ना हो तो एक बार आप भी गूगल करके देख लें।तो आपको गूगल पर देखने को मिलेगा कि उस साल अक्टूबर के महीने में सिर्फ 21 दिन ही हैं। जबकि वास्तव में अक्टूबर 31 दिनों का महीना होता है। 1582 में अक्टूबर महीने में 5 अक्टूबर से लेकर 14 अक्टूबर तक की तारीख को गायब कर दिया गया था इसलिए अक्टूबर महीने में 10 दिन कम हो गए थे। हालांकि, अब सवाल आता है कि आखिर 1582 में कैलेंडर से 10 दिन क्यों कम किए गए? वहीं, दिनों को कम करने के लिए कौन सा तरीका अपनाया गया और कैलेंडर से 10 दिन अक्टूबर महीने से ही क्यों घटाए गए?
10 दिन कम करने के लिए बदला गया कैलेंडर
ईस्टर की तारीख और वास्तविक ईस्टर के बीच दिनों का अंतर बढ़ता देख 1562-63 में कैथोलिक चर्च की परिषद ने पोप से नया संशोधित कैलेंडर जारी कर इस अंतर को ठीक करने के लिए कहा गया। वहीं, इसके लगभग 20 साल बाद फरवरी, 1582 में पोप ग्रेगरी 13वें ने नया कैलेंडर जारी कर दिया। जिसमें से जूलियन कैलेंडर के 10 बढ़े हुए दिन कम कर दिए गए थे और इस कैलेंडर को आज के दिनों में इस्तेमाल किया जाने वाला ग्रेगोरियन कैलेंडर Gregorian Calendar कहा जाने लगा।
अक्टूबर में ही क्यों कम किए गए 10 दिन?
अक्टूबर में ही इसे बदलने का मुख्य कारण यह था l ईसाई त्यौहार हैं। चर्च कैलेंडर से वो 10 दिन कम करना चाहता था, जिनमें कोई ईसाई त्यौहार न आता हो। वहीं, 4 अक्टूबर, 1582 को सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी का पर्व था और इसके बाद अगले 14 अक्टूबर तक कोई त्योहार नहीं था। 5 से 14 अक्टूबर तक के दिन कैलेंडर से हटा दिए गए और 4 अक्टूबर के बाद सीधा 15 अक्टूबर आ गया।
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