यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक, स्पष्टता और अधिकारों पर जताई चिंता
उफ़क साहिल
नई दिल्ली:
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में अधिसूचित किए गए नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इन नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रस्तावित नियमों में कई प्रावधान अस्पष्ट हैं, जिससे इनके गलत इस्तेमाल की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि नियमों की व्याख्या स्पष्ट नहीं होगी, तो इससे शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता और अकादमिक स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों के लागू होने पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष दलील दी कि ये नियम मनमाने प्रकृति के हैं और इनके माध्यम से शिक्षकों, छात्रों और विश्वविद्यालयों पर अत्यधिक नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उनका कहना था कि इससे शिक्षा प्रणाली की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंच सकता है।
अदालत ने इन दलीलों को गंभीरता से लेते हुए यूजीसी से विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक नए नियम प्रभावी नहीं रहेंगे।
अब मामले की आगामी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट इस बात की समीक्षा करेगा कि क्या यूजीसी द्वारा बनाए गए ये नियम संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों और शिक्षा से जुड़े कानूनी ढांचे के अनुरूप हैं या नहीं। इस फैसले पर देशभर के शैक्षणिक संस्थानों और शिक्षा विशेषज्ञों की नजर टिकी हुई है।
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