“अब यही ज़िंदगी है” — ज़मानत खारिज होने के बाद उमर ख़ालिद का भावुक संदेश
रेहान फ़ज़ल
2020 दिल्ली दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ज़मानत याचिका खारिज किए जाने के बाद जेल में बंद उमर ख़ालिद का एक भावुक संदेश सामने आया है। उनकी करीबी दोस्त और एक्टिविस्ट बनो ज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया पर उमर से हुई बातचीत साझा की है।
बनो ज्योत्सना के मुताबिक, कोर्ट के फ़ैसले के बाद उमर ने कहा कि जिन्हें ज़मानत मिली है, उनके लिए वह खुश हैं और यह राहत भरा है। जब उनसे मुलाक़ात की बात हुई तो उमर ने जवाब दिया—
“आ जाना… अब यही ज़िंदगी है।”
उमर ख़ालिद का यह कथन लंबी क़ैद, अनिश्चितता और न्याय की राह में इंतज़ार की पीड़ा को बयां करता है।
What's Your Reaction?

