मनरेगा बचाओ संग्राम: भभुआ में कांग्रेस का धरना, जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
सुहैल खान, संवाददाता, भभुआ
Edited by - सबा फिरदौस
भभुआ : मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन के तहत आज जिला मुख्यालय भभुआ में जिला कांग्रेस कमेटी कैमूर द्वारा एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह धरना जिला कलेक्टर, कैमूर के समक्ष आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष राधे श्याम कुशवाहा ने की, जबकि संचालन संजय चौबे ने किया।
धरना-प्रदर्शन के पश्चात कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपते हुए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए VB-Gram-G कानून को समाप्त करने तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर स्थापित मनरेगा योजना को पुनः पूरी तरह बहाल करने की मांग की।
इस मौके पर बिहार कांग्रेस द्वारा कैमूर जिले के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक सुरेश मुखिया बिंद विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि VB-Gram-G जैसे वैकल्पिक और निजी मॉडल मनरेगा को कमजोर कर रहे हैं, जो ग्रामीण गरीबों के हित में नहीं है।
वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए रोज़गार, सम्मान और आजीविका की गारंटी है। इस योजना ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को भुखमरी, बेरोज़गारी और पलायन से बचाया है। मनरेगा को कमजोर करना ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है।
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल तिवारी, विनोद पांडेय, प्रदीप पांडेय, उमा शंकर शुक्ला, संजय सिंह, जिला प्रवक्ता सैयद इरशाद अहमद, नफीशुद्दीन, दिवाकर तिवारी, सोनू कुशवाहा, दीना नाथ गिरी, त्रिलोकी बिंद, हरीश कुमार तिवारी, मृत्युंजय मिश्रा, पप्पू आलम, रामप्रवेश सिंह, कृष्ण मोहन पांडेय, राकेश्वर त्रिपाठी, जय प्रकाश राम, महेंद्र राम, सुनीता देवी, मीरा देवी, सुनैना कुंवर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशें बंद नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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