ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक, 2000 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा
ईरान में बढ़ते सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार अब तक 2000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और 16 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है, जबकि यूरोपीय देशों और रूस ने भी हालात पर चिंता जताई है।
नवीदुल हसन
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज, हालात बेहद गंभीर
ईरान में बीते कुछ हफ्तों से बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। शुरुआत में ये प्रदर्शन देश की खराब आर्थिक स्थिति और मुद्रा (करेंसी) की गिरती कीमत के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन अब ये आंदोलन ईरान की धार्मिक सरकार के खिलाफ एक बड़े विद्रोह में बदल चुके हैं। इसे ईरान में पिछले कई सालों का सबसे गंभीर संकट माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की है। इंटरनेट बंद होने के बावजूद यह जानकारी सामने आई है कि अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 90 प्रतिशत से अधिक लोग प्रदर्शनकारी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 16,700 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ईरान के कई अस्पतालों में हालात बेहद खराब हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल घायल प्रदर्शनकारियों से भरे पड़े हैं। कई लोगों को गोली लगी है, खासकर आंखों और सिर पर। तेहरान के एक डॉक्टर ने बताया कि केवल एक अस्पताल में 400 से ज्यादा लोगों की आंखों में गोली लगने की पुष्टि हुई है।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू किया तो अमेरिका “बहुत सख्त कदम” उठाएगा। ट्रंप ने ईरानी जनता से प्रदर्शन जारी रखने की अपील भी की और कहा कि “मदद रास्ते में है।”
एक 26 वर्षीय युवक इरफान सोल्तानी, जिसे प्रदर्शनों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था, उसे बुधवार को फांसी दिए जाने की आशंका है। मानवाधिकार संगठनों ने इसे लेकर चिंता जताई है।
अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि लोग सुरक्षित रास्तों से आर्मेनिया या तुर्किये के रास्ते बाहर निकलें और अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न रहें।
इंटरनेट बंद होने के बीच एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने ईरान में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट देने की पेशकश की है, जिससे लोग दुनिया से संपर्क कर सकें।
ईरान ने ट्रंप के बयानों को देश की संप्रभुता पर हमला बताया है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने कहा कि अमेरिका और इजराइल हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं रूस ने भी ईरान के आंतरिक मामलों में बाहरी दखल की निंदा की है।
यूरोप के कई देशों—ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली—ने ईरान के राजदूतों को तलब कर विरोध दर्ज कराया है। जर्मनी के चांसलर ने यहां तक कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान की मौजूदा सरकार गिर सकती है।
ईरान में हालात तेजी से बदल रहे हैं और पूरी दुनिया की नजर इस संकट पर टिकी हुई है।
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