बिहार कांग्रेस में गठबंधन को लेकर मंथन तेज, आरजेडी से दूरी बनाने के संकेत
उफ़क साहिल
बिहार कांग्रेस में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ गठबंधन को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी के बीच दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ हुई अहम बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने मौजूदा गठबंधन की रणनीति पर सवाल खड़े किए।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुई इस बैठक में बिहार के अधिकांश विधायकों ने यह राय रखी कि आरजेडी के साथ गठबंधन से कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नेताओं का मानना है कि गठबंधन में कांग्रेस की भूमिका सीमित होती जा रही है और पार्टी का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है।
बैठक में यह भी कहा गया कि कांग्रेस को बिहार में अपनी स्वतंत्र पहचान मजबूत करने की जरूरत है और आगामी चुनावों में अकेले या वैकल्पिक गठबंधनों के साथ उतरने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। कुछ नेताओं ने यह तर्क दिया कि आरजेडी के साथ रहने से कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक पार्टी से दूर हो रहा है।
हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व ने सभी पक्षों की बातों को ध्यान से सुना और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बिहार की राजनीतिक स्थिति और जमीनी रिपोर्ट के आधार पर आने वाले महीनों में गठबंधन को लेकर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और माना जा रहा है कि कांग्रेस के रुख में बदलाव गठबंधन की सियासी गणित को प्रभावित कर सकता है।
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